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त्योहारों से पहले इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी

अक्तूबर और नवंबर में आने वाले त्योहारों के मद्देनजर, इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है। 1 अक्तूबर से फ्रिज, एसी और टीवी जैसी वस्तुओं की कीमतों में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। इस साल पहले ही इनकी कीमतों में दो बार वृद्धि हो चुकी है, जिससे कुल मिलाकर लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। जानें इस बढ़ोतरी के पीछे के कारण और कब-कब दाम बढ़े हैं।
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त्योहारों की खरीदारी और कीमतों में वृद्धि

अक्तूबर और नवंबर में कई प्रमुख त्योहार जैसे नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली और छठ आने वाले हैं, जिनके चलते हर साल खरीदारी में तेजी आती है। इस साल, इन त्योहारों से पहले, 1 अक्तूबर से फ्रिज, एसी और टीवी जैसी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने जा रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन वस्तुओं के दाम में पहले ही दो बार वृद्धि हो चुकी है। इस बार की बढ़ोतरी के बाद, कुल मिलाकर इनकी कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। 1 अक्तूबर से इन वस्तुओं की कीमतों में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है।


किस सामान की कीमतें बढ़ेंगी?

मुख्य रूप से LED टीवी, वॉशिंग मशीन, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। इसका मुख्य कारण यह है कि स्टील, कॉपर और अन्य कच्चे माल की कीमतें पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट के कारण बढ़ गई हैं। इन सामग्रियों का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में होता है, जिससे उत्पादन की लागत भी बढ़ रही है। इस साल 2026 में इन वस्तुओं की कीमतों में कई बार वृद्धि हो चुकी है।


बढ़ती कीमतों का इतिहास

कब-कब बढ़े दाम?


इससे पहले, जनवरी 2026 में 3 से 5 प्रतिशत और सितंबर में 4 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। अब फिर से 5 से 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने वाली है। इस प्रकार, साल भर में इन वस्तुओं की कीमतों में 12 से 23 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, एसी की कीमत में 5 से 8 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जबकि LED टीवी और फ्रिज की कीमतें 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ेंगी।


इसका मतलब यह है कि यदि कोई एसी पहले 50 हजार रुपये का था, तो अब उसकी कीमत 54 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। इसी तरह, 50 हजार रुपये वाला फ्रिज अब कम से कम 51 या 52 हजार रुपये का मिलेगा।


बढ़ोतरी के कारण

क्यों हो रही ऐसी बढ़ोतरी?


पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अन्य देशों से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका परिणाम यह हुआ है कि कई आवश्यक वस्तुओं, जैसे कॉपर की कीमतें 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। चूंकि यह संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए आने वाले समय में भी कीमतों में वृद्धि जारी रह सकती है, और जनवरी तक दाम और भी बढ़ सकते हैं।