दिल्ली में LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि, जानें नए दाम
दिल्ली में LPG सिलेंडर की नई कीमतें
दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में एक बार फिर वृद्धि की गई है। अब 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। यह वृद्धि 29 रुपये की है।
ये नई दरें रविवार से लागू हो गई हैं। यह पिछले तीन महीनों में LPG की कीमतों में दूसरी बार वृद्धि है। मार्च में भी LPG के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। तेल कंपनियों का कहना है कि वे अभी भी हर सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का नुकसान झेल रही हैं, इसलिए यह आंशिक वृद्धि की गई है।
कीमतों में वृद्धि का कारण
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे भारत को LPG का आयात करने में कठिनाई हो रही है, जिसके चलते कीमतें बढ़ गई हैं। इसके अलावा, सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भी वृद्धि की है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें
होटल और रेस्टोरेंट में उपयोग होने वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ी हैं। जून में 42 रुपये की वृद्धि हुई थी, और मई में भी कई बार दाम बढ़ाए गए थे।
शहरों में LPG सिलेंडर की दरें
- दिल्ली: 942 रुपये
- कोलकाता: 968 रुपये
- मुंबई: 941.50 रुपये
- चेन्नई: 957.50 रुपये
महंगाई का प्रभाव
LPG की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम घरों के रसोई खर्च पर पड़ेगा। इससे आपके किचन का बजट प्रभावित हो सकता है। पहले से ही होटल और दुकानों पर खाने की कीमतें बढ़ चुकी हैं।
महंगाई से परेशान जनता
रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ देशभर में अन्य ईंधनों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। मई से अब तक पेट्रोल और डीजल के दाम में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। वहीं, CNG के दाम भी लगभग 6 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। ये सभी बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि के कारण हुई है।
तेल कंपनियों का घाटा
हालांकि कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां भारी नुकसान में हैं। उनका दावा है कि पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 33.60 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। कंपनियां महंगाई और आम जनता की स्थिति को देखते हुए दाम बढ़ाने में सावधानी बरत रही हैं, लेकिन घाटा इतना अधिक है कि उन्हें कठिनाई हो रही है। इस समय आम लोगों को पेट्रोल, डीजल, LPG और CNG के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
