दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई। व्यापारियों द्वारा मुनाफा वसूली के चलते सोने की कीमत 2,000 रुपये कम हो गई। इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी भारी बिकवाली के कारण 5,000 रुपये की कमी आई। घरेलू बाजार में कमजोर खरीदारी के कारण सर्राफा कीमतें दबाव में रहीं।
99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,000 रुपये घटकर 1,47,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गई। यह लगातार दूसरा दिन है जब सोने की कीमतों में गिरावट आई है। गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को सोना 1,49,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह गिरावट मुनाफा वसूली के कारण हुई। चांदी की कीमतें भी 5,000 रुपये घटकर 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। पिछले सत्र में चांदी 2,29,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
घरेलू बाजार में गिरावट के कारण
घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण मुनाफा वसूली है। व्यापारियों ने ऊंचे दामों पर सोना बेचा, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा। चांदी में भी भारी बिकवाली हुई, जिसके चलते इसके दाम कम हुए। बाजार में खरीददारों की रुचि कम होने से सर्राफा कीमतों में नरमी बनी रही, जो कमजोर खरीद भावना को दर्शाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोने में मामूली बढ़त देखी गई, जो 4,063.70 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था। चांदी की कीमतों में भी लगभग 2 फीसदी की वृद्धि हुई, जो 58.59 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मीरा एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि ब्रेंट तेल में करीब 4 फीसदी की गिरावट आई है, जो पिछले पांच दिनों में 12 फीसदी की तेजी के बाद हुआ है।
भविष्य के संकेत
प्रवीण सिंह ने बताया कि अमेरिका ने ईरान पर लगातार 14वीं रात हमले जारी रखे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान पर बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित 60 देशों पर शुल्क भी लगाए हैं। कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की सहायक उपाध्यक्ष कायनात चैनवाला ने कहा कि चांदी में यह बढ़त कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का अनुसरण कर रही थी। ब्याज दर की उम्मीदों में कोई खास बदलाव नहीं आया। यदि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और अमेरिकी ट्रेजरी आय कम होती है, तो सोना 4,100 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस और चांदी 60 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस तक बढ़ सकती है।
