Newzfatafatlogo

दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है। सोने की कीमत 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गई है, जबकि चांदी की कीमत भी गिरकर 1.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की बिक्री और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के कारण यह गिरावट आई है। जानें इस गिरावट के पीछे के अन्य कारण और बाजार की स्थिति के बारे में।
 | 

सोने की कीमतों में गिरावट

दिल्ली के सर्राफा बाजार में शनिवार को सोने की कीमत में 3,200 रुपये की कमी आई, जिससे यह 10 महीने के न्यूनतम स्तर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की भारी बिक्री के चलते सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत सभी करों सहित 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।


चांदी की कीमतों में भी गिरावट

चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी रही, जो 4,200 रुपये गिरकर सभी करों सहित 1,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई। शुक्रवार को चांदी का भाव 1,90,200 रुपये प्रति किलोग्राम था। इससे पहले, चांदी की कीमत 8 दिसंबर, 2025 को 1,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी।


महंगाई और मौद्रिक नीति का प्रभाव

निवेश फर्म 360 वन एसेट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल खेतावत ने बताया कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति के कारण सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा। इन घटनाक्रमों ने मौद्रिक नीति में नरमी की उम्मीदों को कमजोर किया, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट आई।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 145.84 डॉलर यानी लगभग चार प्रतिशत गिरकर 3,875.55 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई, जो एक साल का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले, 3 अक्टूबर, 2025 को सोने की कीमत 3,887.09 डॉलर प्रति औंस थी।


चांदी की कीमतों में भी गिरावट

हाजिर चांदी की कीमत भी 3.04 डॉलर यानी छह प्रतिशत गिरकर 49.12 डॉलर प्रति औंस रह गई। इससे पहले, 6 नवंबर, 2025 को चांदी की कीमत 48.02 डॉलर प्रति औंस थी।


ब्याज दरों में संभावित वृद्धि

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि सोने की कीमत 3,800 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुँच गई है, जबकि चांदी 50 डॉलर प्रति औंस से नीचे गिर गई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और महंगाई के चलते दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है।


निवेशकों की बिकवाली

कृत्रिम मेधा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के कारण निवेशकों को मजबूरी में बिकवाली करनी पड़ी, जिससे नकदी जुटाने का दबाव बढ़ा। औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की अधिक उपयोगिता ने भी इसकी कीमतों में गिरावट को बढ़ावा दिया।


चीन में सोने की बिक्री

चीन में निवेशकों द्वारा नकदी जुटाने के लिए सोने की बिक्री की खबरें भी एक संभावित कारण हो सकती हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव से पहले सट्टेबाजी के तहत बिकवाली की स्थिति भी बन रही है, जो सर्राफा कीमतों की दिशा तय कर सकती है।