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दिल्ली हाई कोर्ट से रिलायंस को कैंपा ब्रांड के लिए मिली राहत

दिल्ली उच्च न्यायालय ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपने कैंपा उत्पादों को एनर्जी ड्रिंक के रूप में बेचने की अनुमति दी है। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा नियामक के आदेश के बाद आया, जिसने कंपनियों को इस नाम का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया था। रिलायंस ने अदालत में अपने तैयार माल की स्थिति को रखा, जिसमें बड़ी मात्रा में डिब्बे और बोतलें शामिल हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी, जो रिलायंस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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रिलायंस को मिली अनुमति

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के कैंपा ब्रांड को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। अदालत ने कंपनी को अपने कैंपा उत्पादों को "एनर्जी ड्रिंक" के रूप में बेचने और प्रचारित करने की अनुमति दी है। यह निर्णय उस समय आया है जब खाद्य सुरक्षा नियामक के आदेश के कारण रिलायंस के पास बड़ी मात्रा में तैयार माल फंस गया था, जिस पर पहले से "एनर्जी ड्रिंक" लिखा हुआ था।


एफएसएसएआई का आदेश

जानकारी के अनुसार, यह मामला एफएसएसएआई के 30 जून के आदेश से संबंधित है। नियामक ने कंपनियों को, जो अधिक मात्रा में कैफीन वाले पेय को "एनर्जी ड्रिंक" के नाम से बेचती हैं, इस नाम का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद रिलायंस ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया और अपने कैंपा उत्पादों की बिक्री पर पड़ने वाले प्रभाव को अदालत के समक्ष रखा।


अदालत की सुनवाई

मंगलवार को सुनवाई के दौरान, अदालत ने खाद्य सुरक्षा नियामक से पूछा कि आदेश जारी करने से पहले रिलायंस को कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि गलती सुधारने का अभी भी समय है। मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी।


अन्य कंपनियों की स्थिति

यह मामला केवल रिलायंस के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। पेप्सिको और मॉन्स्टर बेवरेज ने भी पिछले सप्ताह एफएसएसएआई के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की है। वहीं, ऑस्ट्रिया की रेड बुल को पहले ही अदालत से अपने उत्पादों के लिए "एनर्जी ड्रिंक" नाम का उपयोग जारी रखने की अस्थायी राहत मिल चुकी है।


रिलायंस का पेय कारोबार

रिलायंस के पेय कारोबार के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी के पास बड़ी मात्रा में पहले से तैयार माल है। अक्टूबर में दाखिल अपनी याचिका में, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने बताया कि उसके पास "एनर्जी ड्रिंक" लिखे हुए लगभग 168 मिलियन डिब्बे और 120 मिलियन प्लास्टिक बोतलें तैयार हैं। इसके अलावा, 400 मिलियन डिब्बों और 360 मिलियन बोतलों के लिए पहले से छपी पैकिंग भी उपलब्ध है।


बाजार में बढ़ती मांग

कंपनी ने अदालत को बताया कि कुछ राज्यों में अधिकारियों ने उसके उत्पादों का माल जब्त किया है। इसके साथ ही, ऑनलाइन खरीदारी करने वाले मंचों को भी इन उत्पादों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। रिलायंस के अनुसार, इससे उसके कारोबार में काफी परेशानी उत्पन्न हुई है। खाद्य सुरक्षा नियामक ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।


कैंपा ब्रांड की वापसी

रिलायंस ने 2023 में कैंपा ब्रांड को फिर से बाजार में उतारा था। कंपनी ने अपने बड़े खुदरा नेटवर्क और प्रतिस्पर्धी कीमतों का सहारा लेकर कोका-कोला और पेप्सिको जैसी बड़ी कंपनियों को चुनौती देने की कोशिश की है। कैंपा की वापसी के बाद रिलायंस की नजर तेजी से बढ़ते पेय बाजार पर भी है।


एनर्जी ड्रिंक बाजार का विकास

भारत में एनर्जी ड्रिंक के बाजार में इस विवाद का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसकी बिक्री तेजी से बढ़ रही है। यूरोमॉनिटर के अनुसार, इस श्रेणी के पेय की खुदरा बिक्री हर साल 12.6% की दर से बढ़ रही है, जो अमेरिका और चीन के मुकाबले भी अधिक है।


खाद्य सुरक्षा अभियान

खाद्य सुरक्षा नियामक की कार्रवाई इस साल देशभर में चलाए जा रहे बड़े खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है, जिसमें जांच, छापेमारी, कारोबार बंद कराने की कार्रवाई और नए चेतावनी लेबल से जुड़े नियम शामिल हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय का अंतरिम रुख फिलहाल रिलायंस के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन 5 नवंबर की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि कैंपा के लिए "एनर्जी ड्रिंक" नाम को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।