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दीपम में रिक्तियों पर संसद की समिति की चिंता, 38 पदों को भरने की सिफारिश

संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) में 43 प्रतिशत रिक्तियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। समिति ने सभी 38 खाली पदों को भरने के लिए एक अंतर-विभागीय कार्यबल गठित करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि विभाग में केवल 51 अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 89 पद स्वीकृत हैं। समिति ने कर्मचारियों की कमी को जटिल विनिवेश प्रक्रियाओं पर प्रभाव डालने वाला बताया है। वित्त मंत्रालय ने इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाने का आश्वासन दिया है।
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संसद की समिति की चिंताएँ

संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) में 43 प्रतिशत रिक्तियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। समिति ने वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया है कि सभी 38 खाली पदों को शीघ्र भरने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) और व्यय विभाग (डीओई) के साथ मिलकर एक विशेष अंतर-विभागीय कार्यबल का गठन किया जाए। समिति ने यह भी कहा कि मार्च में उसकी रिपोर्ट पेश होने के बाद से दीपम में रिक्त पदों को भरने में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई है।


रिक्तियों का प्रभाव

समिति के अनुसार, 42.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सार्वजनिक संपत्तियों का प्रबंधन करने वाले विभाग के लिए केवल नियमित प्रशासनिक कार्य पर्याप्त नहीं है। मार्च में प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया था कि दीपम में स्वीकृत 89 पदों में से केवल 51 अधिकारी कार्यरत हैं। निदेशक स्तर पर 11 और अवर सचिव स्तर पर 8 पद खाली हैं।


कर्मचारियों की कमी का असर

समिति ने चेतावनी दी है कि विभाग में विशेषज्ञ वित्तीय और कानूनी कौशल की कमी जटिल लेन-देन को प्रभावित कर सकती है। कर्मचारियों की कमी से आईडीबीआई बैंक की बिक्री जैसी जटिल विनिवेश प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि दीपम रिक्तियों को भरने के मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों के साथ उठाने का प्रयास कर रहा है।


समिति की सिफारिशें

डीओपीटी, डीओई और आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के साथ सहायक अनुभाग अधिकारी, अनुभाग अधिकारी, अवर सचिव और सहायक निदेशक के रिक्त पदों को लेकर मामला उठाया गया है। हालांकि, समिति ने मंत्रालय के जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दीपम का बजट केवल 55.92 करोड़ रुपये है, जबकि विभाग 43 प्रतिशत रिक्ति दर के साथ कार्य कर रहा है। समिति ने वित्त मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह डीओपीटी और डीओई के साथ मिलकर सभी 38 रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे।