Newzfatafatlogo

देशव्यापी बैंक हड़ताल से प्रभावित हुईं सेवाएँ, मध्य प्रदेश में सबसे अधिक असर

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स द्वारा आयोजित एक दिवसीय बैंक हड़ताल ने देशभर में सरकारी बैंकों की सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया। मध्य प्रदेश में लगभग 7,000 शाखाएँ बंद रहीं, जिससे 5,500 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल में 42,000 से अधिक कर्मचारी शामिल हुए, जिससे नकद जमा, निकासी और चेक क्लियरेंस जैसी सेवाएँ ठप हो गईं। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ सामान्य रूप से कार्यरत रहीं।
 | 

बैंक हड़ताल का व्यापक प्रभाव

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) द्वारा आयोजित एक दिवसीय बैंक हड़ताल ने शुक्रवार को देशभर में सरकारी बैंकों की सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया। मध्य प्रदेश में इस हड़ताल का सबसे अधिक असर देखने को मिला, जहां राज्य की 8,707 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाएँ बंद रहीं। इससे राज्य में प्रतिदिन होने वाले लगभग 5,500 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। कर्मचारियों और अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस, एफडी रिन्यूअल और सरकारी ट्रेजरी से संबंधित कार्य पूरी तरह से ठप हो गए।


मध्य प्रदेश में हड़ताल में शामिल कर्मचारी

मध्य प्रदेश बैंक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहनकृष्ण शुक्ला ने बताया कि राज्य की 8,707 शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं के करीब 42,000 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 12 सरकारी बैंकों, कई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के कर्मचारियों ने भी इस हड़ताल में भाग लिया। हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद जमा करने और निकालने, चेक क्लियरेंस, फिक्स्ड डिपॉज़िट रिन्यूअल, सरकारी ट्रेज़री से जुड़े कार्य और अन्य वित्तीय गतिविधियाँ प्रभावित हुईं।


देशभर में बैंकिंग सेवाओं में रुकावट

इस एक दिवसीय हड़ताल के चलते, विशेष रूप से सरकारी बैंकों में, बैंकिंग सेवाएँ प्रभावित हुईं। UFBU ने पांच दिन के कार्य सप्ताह को तुरंत लागू करने और वेतन से संबंधित लंबित मुद्दों को हल करने की मांग को लेकर यह हड़ताल बुलाई थी। यह ध्यान देने योग्य है कि UFBU, जो सात यूनियनों का एक समूह है और 90 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है, की इस हड़ताल का निजी क्षेत्र के बैंकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।


बैंकिंग सेवाओं में रुकावट के कारण

हड़ताल के कारण, देशभर में सरकारी बैंकों की कई शाखाएँ पूरी तरह से या आंशिक रूप से बंद रहीं। अधिकांश सरकारी बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों की शाखाओं में नकद जमा करने, पैसे निकालने, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्यों जैसी कई बैंकिंग सेवाएँ प्रभावित हुईं। हालांकि, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएँ सामान्य रूप से कार्यरत रहीं। 'ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन' (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सी.एच. वेंकटचलम ने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक नतीजे न मिलने के कारण यह हड़ताल की गई है।


ग्राहकों के लिए बैंक की एडवाइजरी

इस बीच, कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल के संभावित प्रभावों के बारे में सूचित किया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि, "हालांकि बैंक ने हड़ताल के दौरान शाखाओं और कार्यालयों के कामकाज को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं, फिर भी हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित हो सकता है।"