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धनतेरस पर आभूषण विक्रेताओं में उत्साह, बिक्री में वृद्धि की उम्मीद

धनतेरस के अवसर पर आभूषण विक्रेताओं में उत्साह का माहौल है। खुदरा विक्रेताओं को उम्मीद है कि ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे बिक्री में वृद्धि होगी। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ने उपभोक्ताओं की धारणा को सकारात्मक बनाया है। हल्के वजन वाले और किफायती आभूषणों की मांग बढ़ रही है। जानें इस शुभ अवसर पर आभूषण बाजार की स्थिति और विक्रेताओं की रणनीतियाँ।
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धनतेरस पर आभूषण की बिक्री का उत्साह

(फाइल फोटो के साथ) मुंबई, 6 नवंबर। धनतेरस के अवसर पर आभूषण विक्रेताओं में जोश देखने को मिल रहा है। खुदरा विक्रेताओं को हाल की अच्छी अग्रिम बुकिंग से उम्मीद है कि जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, ग्राहकों की संख्या में इजाफा होगा और यह रात भर जारी रहेगा। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश आर. ने बताया कि विक्रेताओं ने सुबह 8 बजे से ही अपनी दुकानें खोल दी थीं।


ग्राहकों की आवाजाही और बिक्री की उम्मीदें

उन्होंने कहा, "ग्राहकों का आना अभी शुरू हुआ है। अधिकांश ग्राहक पहले से बुक किए गए आभूषण लेने आ रहे हैं। हमें विश्वास है कि खुदरा विक्रेता देर रात तक अपने व्यापार को जारी रखेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में चुनाव और सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट से उपभोक्ताओं की धारणा को मजबूती मिल रही है।


इसलिए, हमें उम्मीद है कि इस साल बिक्री की मात्रा पिछले वर्ष के समान या उससे थोड़ी अधिक रहेगी।" उन्होंने बताया कि इस वर्ष उपभोक्ता हल्के वजन वाले और 18 कैरेट के आभूषणों के साथ-साथ अन्य किफायती वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। धनतेरस को हिंदू पंचांग में कीमती धातुओं की खरीद के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है।


सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत बृहस्पतिवार को 19 प्रतिशत गिरकर 1,48,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट, कर सहित) रह गई। यह 29 जनवरी, 2026 को दर्ज 1,83,000 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से कम है। हालांकि, यह पिछले साल 18 अक्टूबर को धनतेरस के दिन दर्ज 1,32,400 रुपये के स्तर से अब भी काफी अधिक है। चांदी की कीमत भी 29 जनवरी को दर्ज 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर से 52 प्रतिशत घटकर 1,94,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है।


उपभोक्ताओं की पसंद और खुदरा विक्रेताओं की रणनीतियाँ

हालांकि, यह धनतेरस 2025 पर दर्ज 1,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से अब भी अधिक है। जीजेसी के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि ग्राहकों का आना अभी शुरू हुआ है और खुदरा विक्रेताओं को उम्मीद है कि दोपहर करीब दो बजे ग्राहकों की आवाजाही सबसे अधिक होगी और यह देर रात तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा, "पिछले तीन दिनों में हमें अग्रिम बुकिंग की बहुत उत्साहजनक संख्या देखने को मिली है।


हमें उम्मीद है कि शुभ अवसर होने के कारण ये बुकिंग आज अच्छी बिक्री में तब्दील होंगी।" उन्होंने यह भी कहा कि इस साल उपभोक्ता हल्के वजन वाले और 18 कैरेट के आभूषणों को पसंद कर रहे हैं। खुदरा विक्रेता ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष पेशकश और योजनाएं भी ला रहे हैं। चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता और सबसे बड़े आयातकों में से एक है।