धनतेरस पर निवेश के लिए सोना या चांदी: जानें कौन सा है बेहतर विकल्प?
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी का महत्व
नई दिल्ली: धनतेरस और दिवाली के अवसर पर सोना और चांदी खरीदने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसे न केवल शुभ माना जाता है, बल्कि एक अच्छा निवेश भी समझा जाता है। इस साल भी लोग धनतेरस पर खरीदारी की योजना बना रहे हैं, लेकिन निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि सोना खरीदें या चांदी? हाल के दिनों में दोनों की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
सोना: सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश
यदि आप दीर्घकालिक निवेश की सोच रहे हैं और जोखिम से बचना चाहते हैं, तो सोना आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। महंगाई या आर्थिक संकट के समय, सोना हमेशा सुरक्षित माना जाता है। इसकी वैश्विक मांग बनी रहती है और आवश्यकता पड़ने पर इसे तुरंत बेचना भी आसान होता है। हालांकि, सोने के गहनों पर मेकिंग चार्ज और GST लगता है, जिससे लागत बढ़ जाती है। इसलिए, यदि आप केवल निवेश के लिए खरीद रहे हैं, तो गोल्ड कॉइन, गोल्ड बार या गोल्ड ETF लेना अधिक समझदारी है।
चांदी: कम बजट में अधिक चमक
यदि आपका बजट सीमित है, तो चांदी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसकी कीमत सोने की तुलना में कम है, जिससे छोटे निवेशक भी इसे आसानी से खरीद सकते हैं। हालांकि, चांदी में जोखिम अधिक होता है। इसकी कीमत केवल निवेशकों की मांग पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उद्योग की मांग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, इसमें उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में अधिक होता है। तेजी के समय में इसमें अधिक रिटर्न मिल सकता है, लेकिन गिरावट के समय नुकसान भी बड़ा हो सकता है।
रिकॉर्ड उच्चतम से गिरावट का प्रभाव
हाल की गिरावट ने निवेशकों का ध्यान फिर से आकर्षित किया है। सोना अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर से लगभग 25% नीचे आ चुका है, जबकि चांदी में लगभग 55% तक की गिरावट आई है। इस कारण से बाजार में फिर से खरीदारी की चर्चा तेज हो गई है। लेकिन केवल सस्ता होने से यह तय नहीं होता कि आगे तेजी आएगी।
बिना तनाव वाला निवेश: Gold-Silver ETF
यदि आप भौतिक सोना-चांदी नहीं रखना चाहते और शुद्धता तथा सुरक्षा की चिंता से बचना चाहते हैं, तो ETF एक बेहतरीन विकल्प है। गोल्ड ETF और सिल्वर ETF को आप शेयर बाजार के माध्यम से खरीद सकते हैं। इसमें न तो मेकिंग चार्ज देना पड़ता है और न ही लॉकर की चिंता होती है।
धनतेरस पर निवेश के लिए सही विकल्प
कम जोखिम और दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता है तो सोना चुनें।
कम बजट और अधिक जोखिम लेने की क्षमता है तो चांदी पर विचार करें।
भौतिक खरीदारी के बिना निवेश करना चाहते हैं तो ETF दोनों धातुओं के लिए एक स्मार्ट विकल्प है।
