धनतेरस पर सोने और चांदी में निवेश: कौन सा विकल्प है बेहतर?
धनतेरस पर धातुओं की खरीदारी का उत्साह
धनतेरस के मौके पर सोने और चांदी की खरीदारी को लेकर बाजार में खासा उत्साह देखने को मिलता है। इस साल 6 नवंबर को मनाए जाने वाले इस पर्व से पहले निवेशक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि अपनी बचत को किस धातु में लगाना अधिक लाभकारी रहेगा। कुछ लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जबकि अन्य चांदी में संभावित तेजी को देखते हुए इसे बेहतर विकल्प मानते हैं। हालांकि, केवल वर्तमान कीमतों के आधार पर निर्णय लेना उचित नहीं होगा। निवेश की अवधि, बाजार में उतार-चढ़ाव और भविष्य की संभावित कीमतों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। विशेषज्ञों के विभिन्न अनुमानों ने इस चर्चा को और भी रोचक बना दिया है।
बाजार में वर्तमान भाव क्या हैं?
5 नवंबर 2026 को दोपहर 3:45 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने का वायदा मूल्य 10 ग्राम के लिए 1,44,865 रुपये था। इसी समय चांदी का वायदा मूल्य 1 किलोग्राम के लिए 1,88,720 रुपये पर था। कमोडिटी विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार, आने वाले वर्षों में दोनों धातुओं के दाम में वृद्धि की संभावना है। हालांकि, चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने की तुलना में अधिक हो सकता है, जिससे इसमें लाभ के साथ-साथ नुकसान का जोखिम भी बढ़ सकता है।
सोने की कीमतों के अनुमान
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2027 तक 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1.75 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसके बाद, नवंबर 2029 में यह 2.15 लाख रुपये और नवंबर 2031 में 2.60 लाख रुपये तक बढ़ने की संभावना है। यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो मौजूदा कीमतों की तुलना में सोने की कीमत में लगभग 79.5 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। चांदी के भविष्य के लिए भी तेजी का अनुमान लगाया गया है, जिसमें नवंबर 2027 में एक किलो चांदी का भाव 2.60 लाख रुपये, नवंबर 2029 में 3.10 लाख रुपये और नवंबर 2031 में 3.50 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
विशेषज्ञों के आकलन
वेंचुरा के कमोडिटी और CRM प्रमुख एनएस रामास्वामी ने भी दोनों धातुओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई है। उनके अनुसार, नवंबर 2027 तक सोने की कीमत 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो सकती है, जबकि नवंबर 2029 में यह 1.65 लाख रुपये और नवंबर 2031 में 2 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। चांदी के लिए उनका आकलन नवंबर 2027 में 2.50 लाख रुपये प्रति किलो, नवंबर 2029 में 2.25 लाख रुपये और नवंबर 2031 में 4 लाख रुपये का है। विभिन्न विशेषज्ञों के अनुमानों में भिन्नता यह दर्शाती है कि बाजार की दिशा को लेकर कोई निश्चितता नहीं है।
निवेश के निर्णय में ध्यान देने योग्य बातें
लंबी अवधि में स्थिर निवेश की चाह रखने वालों के लिए सोना एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है। पिछले 20 वर्षों में इसने औसतन 15 से 16 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न दिया है। केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता भी सोने की मांग को बढ़ावा देती है। दूसरी ओर, चांदी में औसत कमाई की संभावना आकर्षक लगती है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में औसत वार्षिक रिटर्न लगभग 16 प्रतिशत और 20 वर्षों में करीब 11 प्रतिशत रहा है। लेकिन चांदी की कीमतों में गिरावट का इतिहास भी है। जनवरी 2026 के उच्चतम स्तर से चांदी की कीमत 55 प्रतिशत से अधिक गिर चुकी है।
इसलिए, धनतेरस पर खरीदारी करते समय केवल संभावित लाभ को ध्यान में न रखें। अपनी आर्थिक स्थिति, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार निर्णय लेना समझदारी होगी।
