Newzfatafatlogo

धनतेरस पर सोने-चांदी की बिक्री में वृद्धि की उम्मीद

धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। हाल के दिनों में कीमतों में गिरावट ने ग्राहकों की खरीदारी को प्रोत्साहित किया है। आभूषण विक्रेताओं का अनुमान है कि इस अवसर पर सोने की बिक्री का मूल्य 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। छोटे शहरों में भी मांग बढ़ी है, और ग्राहक हल्के वजन के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जानें इस त्यौहार पर बाजार की स्थिति और ग्राहकों की खरीदारी की प्रवृत्तियों के बारे में।
 | 

धनतेरस पर कीमती धातुओं की खरीदारी में उछाल

मुंबई और नई दिल्ली, 6 नवंबर: हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने धनतेरस पर कीमती धातुओं की खरीदारी को बढ़ावा दिया है। आभूषण विक्रेताओं को उम्मीद है कि इस अवसर पर सोने की बिक्री का मूल्य सालाना आधार पर 15-20 प्रतिशत बढ़कर लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है, हालांकि बिक्री की मात्रा पिछले वर्ष के स्तर पर बनी रह सकती है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बताया कि धनतेरस पर सोने का कुल कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।


बाजार में सकारात्मक धारणा

उन्होंने कहा कि पिछले चार से छह महीनों में सोने की कीमतों में कमी से बाजार में खरीदारी की धारणा में सुधार हुआ है। ग्राहक हल्के वजन और 18 कैरेट के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। जीजेसी को धनतेरस पर चांदी की बिक्री में 30 प्रतिशत की वृद्धि और मात्रा में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद है।


सोने और चांदी की कीमतें

राष्ट्रीय राजधानी में 24 कैरेट सोने की कीमत शुक्रवार को कर सहित 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो कि 29 जनवरी को दर्ज 1,83,000 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से लगभग 20 प्रतिशत कम है। पिछले साल धनतेरस पर सोने का भाव 1,32,400 रुपये था। इसी दौरान चांदी की कीमत भी इस साल जनवरी में 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर से 52.4 प्रतिशत गिरकर 1,92,500 रुपये (कर सहित) पर आ गई है, जो पिछले साल के धनतेरस के 1,70,000 रुपये से अधिक है।


ग्राहकों की बढ़ती संख्या

जीजेसी के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता ने कहा कि इस बार दुकानों पर ग्राहकों की संख्या पिछले साल की तुलना में अधिक है, और पहले से की गई बुकिंग ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। पश्चिम और उत्तर भारत के बाजारों में गतिविधियां अधिक देखने को मिल रही हैं। एमएमटीसी-पैम्प के प्रबंध निदेशक समित गुहा ने बताया कि ग्राहक अब बड़े आकार की खरीदारी करने के बजाय छोटे सिक्के और छड़ें खरीद रहे हैं।


छोटे शहरों में भी मांग

ग्राहक पेंडेंट, चूड़ियां, चेन और छोटे सोने-चांदी के सिक्के खरीद रहे हैं। जयपुर, देहरादून, सूरत, बेलगावी, आरा और रायपुर जैसे छोटे शहरों में भी मांग अच्छी है। कई आभूषण विक्रेताओं ने धनतेरस पर बिक्री में वृद्धि की बात कही है। सेन्को गोल्ड के सीईओ शुभंकर सेन ने कहा कि कंपनी की बिक्री पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है।


बिक्री में वृद्धि

पीसी ज्वेलर्स के प्रबंध निदेशक बलराम गर्ग ने कहा कि धनतेरस पर कंपनी की बिक्री मात्रा में 30-35 प्रतिशत और मूल्य में 45-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अखिल भारतीय जौहरी एवं स्वर्णकार महासंघ ने बताया कि हाल के दिनों में देशभर में सोने और चांदी की बिक्री 66,000 करोड़ रुपये से अधिक रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजारों में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है।


खरीदारी की सोच-समझ

रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा कि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक खरीदारी को लेकर अधिक सोच-समझकर फैसले ले रहे हैं, लेकिन इससे उनकी खरीदारी की इच्छा कम नहीं हुई है। पुराने सोने के बदले नए आभूषण खरीदने और शादी-ब्याह की मांग से बाजार को समर्थन मिल रहा है। विश्व स्वर्ण परिषद के सीईओ (भारत) सचिन जैन ने कहा कि आभूषणों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही अच्छी रही है।