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निखिल कामथ का भारत में प्रतिस्पर्धा और AI में निवेश पर जोर

निखिल कामथ, जो जेरोधा के सह-संस्थापक हैं, ने हाल ही में भारत में राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे मुख्यमंत्री यदि CEO की तरह कार्य करें, तो देश में बड़े बदलाव संभव हैं। इसके साथ ही, उन्होंने AI क्षेत्र में पूंजी की कमी और भारत में डेटा सेंटर की लागत के फायदों पर भी चर्चा की। कामथ का मानना है कि चीन के मॉडल से सीखकर भारत अपने राज्यों को अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकता है। जानें उनके विचारों के बारे में और कैसे वे परोपकार में भी सक्रिय हैं।
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भारत में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की आवश्यकता


निवेशक और उद्यमी निखिल कामथ का मानना है कि भारत को चीन से प्रेरणा लेते हुए राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना चाहिए, जैसा कि कंपनियों के बीच होता है। उनका कहना है कि यदि राज्य के मुख्यमंत्री एक CEO की तरह कार्य करें और अपने राज्यों के विकास के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करें, तो यह देश में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। यह विचार उन्होंने एक मीडिया चैनल के वर्ल्ड समिट में साझा किया।


AI कंपनियों के लिए पूंजी की कमी

कामथ ने बताया कि भारत में बड़ी टेक कंपनियों की स्थापना की क्षमता है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक जोखिम पूंजी की कमी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन में नई तकनीकों के विकास के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध है, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाता है।


भारत में डेटा सेंटर की लागत

कामथ ने भारत की लागत संबंधी ताकत का उल्लेख किया। उनके अनुसार, भारत में एक मेगावाट क्षमता के बुनियादी ढांचे की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 30 से 40 प्रतिशत कम हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में डेटा सेंटर के निर्माण में काम करने वालों को भारत की तुलना में अधिक वेतन मिलता है। इसके अलावा, भारत में बिजली की लागत भी कई देशों की तुलना में कम है, जो इसे टेक्नोलॉजी और AI के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।


राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा का महत्व

कामथ ने चीन के मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विभिन्न प्रांतों और शहरों के प्रशासन के बीच विकास को लेकर प्रतिस्पर्धा होती है। उनके अनुसार, चीन भले ही खुद को पूंजीवादी न कहे, लेकिन वहां राज्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा किसी कारोबारी मुकाबले जैसी होती है। भारत भी अपने राज्यों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाकर इस मॉडल से सीख सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री अपने राज्यों को एक कंपनी की तरह चलाने और उनके प्रदर्शन को सुधारने पर ध्यान दें।


निखिल कामथ का परिचय

निखिल कामथ जेरोधा के सह-संस्थापक हैं, जो भारत की प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों में से एक है। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई छोड़ने के बाद कारोबार की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा, उन्होंने लिशियस, नॉरिश यू, पी सेफ, सुबको और इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी एथर जैसी कंपनियों में भी निवेश किया है। 2025 में, उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान और उनके बेटे आर्यन खान की कंपनी डी'यावोल स्पिरिट्स में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी।


परोपकार के प्रति प्रतिबद्धता

कामथ न केवल कारोबार में, बल्कि परोपकार और पर्यावरण से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय हैं। उन्होंने बिल गेट्स और वॉरेन बफेट द्वारा शुरू की गई 'गिविंग प्लेज' पहल पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत उन्होंने अपनी संपत्ति का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा परोपकारी कार्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया है।