नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की प्रस्तावित लिस्टिंग: निवेशकों के लिए बड़ा अवसर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की प्रस्तावित आरंभिक शेयर बिक्री ने बाजार में हलचल मचा दी है। NSE का लक्ष्य 5.26 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ शेयरों की बिक्री करना है। निवेशकों के साथ हुई चर्चाओं में शेयरों की कीमत 2,000 से 2,100 रुपये प्रति शेयर बताई गई है। यदि यह सफल होता है, तो NSE दुनिया के बड़े शेयर बाजारों में छठे स्थान पर आ जाएगा। कंपनी ने कई वैश्विक निवेशकों से बातचीत की है और सितंबर में बिक्री की संभावना जताई जा रही है। जानें इस प्रक्रिया और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
| Aug 18, 2026, 20:46 IST
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की आरंभिक शेयर बिक्री
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की संभावित लिस्टिंग ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। हालिया जानकारी के अनुसार, भारत का सबसे बड़ा शेयर बाजार संचालक अपनी आरंभिक शेयर बिक्री में लगभग 5.26 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन का लक्ष्य रखता है। कंपनी ने निवेशकों के साथ हुई चर्चाओं में अपने शेयरों की संभावित कीमत 2,000 से 2,100 रुपये प्रति शेयर के बीच बताई है।
संभावित मूल्यांकन और वैश्विक स्थिति
यदि ऊपरी मूल्य सीमा पर सौदा सफल होता है, तो NSE का मूल्यांकन लगभग 55 अरब डॉलर, यानी करीब 5.26 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। इस स्थिति में, यह दुनिया के बड़े शेयर बाजारों में छठे स्थान पर आ जाएगा। इसका मूल्यांकन लंदन स्टॉक एक्सचेंज समूह के आसपास होगा और नैस्डैक से थोड़ा अधिक हो सकता है। वर्तमान में, सीएमई समूह और इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज क्रमशः 97 अरब डॉलर और 86.9 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ शीर्ष पर हैं।
वैश्विक निवेशकों के साथ बातचीत
NSE ने अपनी प्रस्तावित आरंभिक शेयर बिक्री के लिए कई प्रमुख वैश्विक निवेशकों से बातचीत की है। कंपनी ने बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हांगकांग में निवेशक बैठकों का आयोजन किया है। इन बैठकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, जीक्यूजी पार्टनर्स, जानस हेंडरसन ग्रुप और ऑलस्प्रिंग ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स जैसे लगभग 120 बड़े वैश्विक निवेशकों ने भाग लिया।
आरंभिक शेयर बिक्री की प्रक्रिया
NSE की वैश्विक निवेशक बैठकें लगभग समाप्त हो चुकी हैं, जबकि मध्य पूर्व में कुछ बैठकें अभी बाकी हैं। हालांकि, कंपनी के मूल्यांकन और शेयर मूल्य पर बातचीत अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है, जिससे आरंभिक शेयर बिक्री की शर्तों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
शेयरधारकों की हिस्सेदारी
यह ध्यान देने योग्य है कि NSE ने जून में बाजार नियामक के पास आरंभिक शेयर बिक्री से संबंधित मसौदा दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इस प्रस्ताव में कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेची जाएगी। दस्तावेजों के अनुसार, मौजूदा निवेशक लगभग 14.89 करोड़ शेयर बेच सकते हैं, जो कंपनी की लगभग 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं।
भारत का सबसे बड़ा आरंभिक शेयर निर्गम
प्रस्तावित मूल्यांकन के ऊपरी स्तर पर 6 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से लगभग 31,500 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आरंभिक शेयर निर्गम बन सकता है। वर्तमान में यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर की भारतीय इकाई के नाम है, जिसने 2024 में लगभग 27,870 करोड़ रुपये जुटाए थे।
प्रक्रिया में देरी
हालिया जानकारी के अनुसार, NSE को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से मसौदा दस्तावेज पर मंजूरी अगस्त की शुरुआत तक मिलने की उम्मीद थी। लेकिन बिक्री करने वाले शेयरधारकों की सूची में भारतीय स्टेट बैंक की कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को शामिल किए जाने के कारण प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह की देरी हुई है। दस्तावेज में बदलाव के बाद आम लोगों से सुझाव लेने के लिए 21 दिन की अवधि आवश्यक होती है।
आरंभिक शेयर बिक्री की संभावित तिथि
अब आरंभिक शेयर बिक्री सितंबर के दूसरे पखवाड़े में होने की संभावना जताई जा रही है। NSE ने इस बिक्री के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी और सिटीग्रुप समेत कुल 20 वित्तीय संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी है।
बाजार में बढ़ती भागीदारी
यह उल्लेखनीय है कि NSE कारोबार की मात्रा के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा वायदा एवं विकल्प बाजार संचालक है। इसकी प्रस्तावित सूचीबद्धता ऐसे समय हो रही है जब भारतीय शेयर बाजार में खुदरा और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इसलिए इस आरंभिक शेयर बिक्री पर घरेलू और वैश्विक निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
