पब्लिक सेक्टर बैंकों का सम्मेलन: वित्त मंत्रालय की नई पहल
वित्त मंत्रालय का आगामी सम्मेलन
वित्त मंत्रालय अगले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के लिए एक दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के उच्च अधिकारी शामिल होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी 17-18 अगस्त को इस सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है।
सम्मेलन के उद्देश्य
वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि यह सम्मेलन भाग लेने वाले संस्थानों को बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने, बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले कदमों की पहचान करने और बैंकिंग क्षेत्र के लिए व्यावहारिक रणनीतियों को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा। मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन में सात प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें जमा राशि जुटाना, युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाएं, निवेश चक्र को समर्थन देना, वैश्विक क्षमता केंद्रों का सहयोग, कृषि और बागवानी मूल्य श्रृंखला के लिए बुनियादी ढांचा, क्रेडिट कार्ड कारोबार का विकास और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को ऋण प्रदान करना शामिल हैं।
विशेष समूहों का गठन
प्रत्येक विषय पर चर्चा के लिए विशेष समूहों का गठन किया जाएगा, जो सफल कार्यप्रणालियों की पहचान करेंगे और ऐसे उपाय तैयार करेंगे जिन्हें पूरे बैंकिंग क्षेत्र में लागू किया जा सके। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जमा राशि जुटाने से संबंधित सत्र में सस्ते ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों के संसाधनों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
सम्मेलन में वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए बेहतर वातावरण बनाने और कृषि एवं बागवानी मूल्य श्रृंखला को सशक्त बनाने पर भी चर्चा होगी। इसमें फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने और बाजार से बेहतर संपर्क स्थापित करने के उपायों पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण मूल्य श्रृंखला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, वंचित वर्गों तक ऋण पहुंचाने के लिए प्राथमिक क्षेत्र कर्ज व्यवस्था में सुधार और युवाओं की आवश्यकताओं के अनुसार बैंकिंग उत्पादों का विकास जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
प्रतिभागियों की संख्या
इस सम्मेलन में लगभग 125 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और कार्यकारी निदेशक शामिल होंगे। इसमें नाबार्ड, निर्यात-आयात बैंक, सिडबी, एनएचबी, आईआईएफसीएल, आईएफसीआई और नैबफिड जैसे संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा, भारतीय बैंक संघ और वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
