पश्चिम एशिया में तनाव से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना
ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का निर्णय
अमेरिका द्वारा ईरान पर हमलों के बाद स्थिति गंभीर हुई
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर दिया है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं।
इस स्थिति का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात इसी तरह बने रहे, तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।
क्रूड ऑयल की वर्तमान कीमतें
आज ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 3.5% बढ़कर 78.67 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 3.4% बढ़कर 73.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा की है।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी सेनाएं अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं।
अमेरिकी सेना का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो कानूनी रूप से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरना चाहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में हमलों का एक नया दौर शुरू किया है ताकि ईरान को कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके।
पिछले महीने, अमेरिका और ईरान के बीच एक संघर्षविराम समझौता हुआ था, जिसमें दोनों देशों ने युद्ध को स्थायी रूप से रोकने और होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर सहमति जताई थी।
