पश्चिम बंगाल को मछली उत्पादन में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए केंद्र का समर्थन
केंद्र का समर्थन और योजनाएं
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को देश का सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सूखे की आशंका वाले दो जिलों में छह 'अमृत सरोवर' परियोजनाओं के लिए नौ करोड़ रुपये की मंजूरी का पत्र सौंपा। यह आश्वासन उन्होंने न्यू टाउन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ मछली पालन और जलीय कृषि के विकास पर समीक्षा बैठक के बाद दिया।
बैठक में चर्चा और योजनाएं
लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मछली पालन और उससे जुड़े व्यवसायों के विकास पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने कहा, 'हमने राज्य को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।' उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल, जो वर्तमान में देश का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य है, उसमें उत्पादन बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।
सुंदरबन में उत्पादन की संभावनाएं
सिंह ने सुंदरबन में ब्लैक टाइगर झींगा और मड क्रैब के उत्पादन की संभावनाओं पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत आ गया है, जिससे मछुआरों को विभिन्न लाभ मिलेंगे। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में मछली पालन क्षेत्र में बहुत क्षमता है।'
अमृत सरोवर परियोजना का महत्व
अमृत सरोवर परियोजना, जो केंद्र सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई जल संरक्षण योजना है, का उद्देश्य देश के हर जिले में 75 जल निकायों का विकास और कायाकल्प करना है। सिंह ने यह भी बताया कि भारत ने इस वर्ष बांग्लादेश को 500 टन हिलसा मछली का निर्यात किया है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और मत्स्य पालन राज्यमंत्री राजेश महतो भी शामिल हुए।
पश्चिम बंगाल का मछली उत्पादन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में वर्ष 2025-26 में 25.43 लाख टन मछली का उत्पादन होने की संभावना है, जिससे यह देश का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक राज्य बना रहेगा।
