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पीएनबी की संपत्ति प्रबंधन सेवा दिसंबर में शुरू होने की उम्मीद

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) दिसंबर तक अपनी संपत्ति प्रबंधन सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। बैंक के सीईओ अशोक चंद्रा ने बताया कि इस पहल के तहत ग्राहक संबंध प्रबंधकों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा, पीएनबी क्रेडिट कार्ड व्यवसाय का विस्तार भी कर रहा है। जानें इस नई योजना के बारे में और कैसे यह बैंक की आमदनी को बढ़ाने में मदद करेगा।
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पीएनबी की नई संपत्ति प्रबंधन योजना

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) इस वर्ष दिसंबर तक अपनी संपत्ति प्रबंधन सेवा को लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिससे बैंक की आमदनी में वृद्धि हो सके। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ अशोक चंद्रा ने इस संबंध में जानकारी साझा की।


चंद्रा ने एक साक्षात्कार में बताया कि संपत्ति प्रबंधन योजना का पहला चरण यह सुनिश्चित करना था कि सभी शाखाओं में ग्राहक संबंध प्रबंधक (सीआरएम) उपलब्ध हों।


लगभग छह महीने पहले, बैंक ने 1,700 शाखाओं में 1,700 सीआरएम की तैनाती की थी, जिनका मुख्य कार्य हर शाखा के 250 से 300 प्रमुख ग्राहकों की देखरेख करना है।


इस महीने के अंत तक, बैंक 1,300 और सीआरएम को तैनात करने की योजना बना रहा है, जिन्हें चुनी गई अन्य शाखाओं में लगाया जाएगा।


चंद्रा ने आगे कहा, 'यह हमारी संपत्ति प्रबंधन पहल का पहला कदम था। हम सलाहकारों से भी बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही इस सेवा के लिए भागीदारों का चयन करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।'


उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले तीन से चार महीनों में संपत्ति प्रबंधन सेवा पूरी तरह से तैयार हो जाएगी। पीएनबी इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की योजना बना रहा है।


इस सेवा की शुरुआत के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि इसे चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर) तक बाजार में पेश किया जाएगा।'


क्रेडिट कार्ड कारोबार का विस्तार

क्रेडिट कार्ड व्यवसाय के बारे में बात करते हुए, चंद्रा ने बताया कि बैंक इस क्षेत्र के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसे एक महाप्रबंधक की देखरेख में अलग विभाग के रूप में संचालित किया जा रहा है।


उन्होंने कहा, '31 मार्च, 2025 तक बैंक के पास केवल 6.6 लाख क्रेडिट कार्ड धारक थे। हालांकि, हमने इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं देखी हैं और इसे तेजी से बढ़ाने का निर्णय लिया है। सबसे पहले, एक डिजिटल ढांचा तैयार किया गया, जिसमें लगभग पांच महीने का समय लगा।'