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पीएम-किसान योजना का विस्तार: किसानों को मिलेगी 3.15 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना के विस्तार को मंजूरी दी है, जो 2030-31 तक चलेगी। इस योजना के तहत किसानों को 3.15 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 6,000 रुपये की वार्षिक सहायता मिलेगी, जो तीन किस्तों में दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय में सुधार करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। जानें इस योजना के प्रभाव और लाभार्थियों की संख्या के बारे में।
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किसानों के लिए वित्तीय सहायता का विस्तार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को पीएम-किसान योजना के विस्तार को मंजूरी दी है, जो अगले पांच वर्षों तक यानी वित्त वर्ष 2030-31 तक चलेगी। इस योजना के लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। पीएम-किसान योजना की शुरुआत 24 फरवरी, 2019 को हुई थी, जिसका उद्देश्य देशभर के किसानों को आय सहायता प्रदान करना है।


वार्षिक सहायता और वितरण प्रक्रिया

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक योग्य भूमिधारक किसान परिवार को 6,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में तीन समान किस्तों में 2,000 रुपये के रूप में भेजी जाती है। अब तक इस योजना के तहत लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है।


सरकार की प्रतिबद्धता और योजना का प्रभाव

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पीएम-किसान योजना को 2030-31 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसमें कुल 3,15,614 करोड़ रुपये का वित्तीय परिव्यय शामिल है। सरकार ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय किसानों की समृद्धि को राष्ट्र की समृद्धि का आधार मानता है। योजना के विस्तार से कृषि में निवेश की क्षमता बढ़ेगी, उत्पादकता में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


लाभार्थियों की संख्या और वित्तीय सहायता

23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला, जिसमें 18,984 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। बयान में यह भी कहा गया कि महिला किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिली है। प्रत्येक चार लाभार्थियों में लगभग एक महिला किसान है।


किसानों की वित्तीय स्थिरता में सुधार

सरकार ने बताया कि पीएम-किसान योजना ने किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य आवश्यकताओं में समय पर निवेश करने में मदद की है। योजना ने किसानों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया है और असंगठित क्षेत्र पर ऋण निर्भरता को कम किया है। नीति आयोग के विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने इस राशि का उपयोग कृषि गतिविधियों और निवेश के लिए किया है।