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पुणे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 2036 तक 200-220 अरब डॉलर बनाने की योजना

महाराष्ट्र सरकार ने पुणे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 2036 तक 200-220 अरब डॉलर तक बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस योजना में 58 प्राथमिकता वाली परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन का लक्ष्य है। योजना के तहत सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, किफायती आवास बनाने और विभिन्न उद्योगों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है। जानें इस योजना के प्रमुख पहलुओं और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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पुणे क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि की नई योजना

महाराष्ट्र सरकार ने नीति आयोग की 'वृद्धि केंद्र' पहल के तहत एक व्यापक विकास योजना तैयार की है, जिसमें पुणे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 2036 तक 200 से 220 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में, पुणे आर्थिक क्षेत्र महाराष्ट्र की कुल आय में लगभग 11 से 12 प्रतिशत का योगदान देता है, और इसकी वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर 6 से 6.5 प्रतिशत है। योजना के अनुसार, इसे बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


पुणे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आकार 2025-26 में लगभग 68 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जिसे 2035-36 तक 200-220 अरब डॉलर तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इससे 2047 तक महाराष्ट्र को 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने पेश की गई पुणे 'वृद्धि केंद्र' योजना में 58 प्राथमिकता वाली परियोजनाएं शामिल हैं।


इन परियोजनाओं में 9 से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है, जिससे अगले 10 वर्षों में 15 से 20 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। योजना में पुणे नगर निगम, पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र शामिल हैं। सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी को मौजूदा 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।


इसके लिए 11 रेल परियोजनाएं, 13 सड़क परियोजनाएं, 250 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क, 12,000-14,000 बसें और छह बहु-माध्यम परिवहन केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य 2036 तक झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 90 प्रतिशत परिवारों का पुनर्वास करना और विभिन्न आय वर्गों, औद्योगिक श्रमिकों, विद्यार्थियों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए चार से पांच लाख किफायती आवास बनाना भी है। योजना में विनिर्माण, वाहन, बिजली से चलने वाले वाहन, इंजीनियरिंग सामान, रक्षा, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और जैव प्रौद्योगिकी जैसे छह क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।


योजना के अंतर्गत, बिजली से चलने वाले वाहनों और भविष्य की परिवहन व्यवस्था के लिए केंद्र, उच्च प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स विनिर्माण केंद्र, सूचना प्रौद्योगिकी, वैश्विक क्षमता केंद्र और कृत्रिम मेधा केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों से चार से पांच लाख अतिरिक्त रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वर्तमान में पुणे क्षेत्र में लगभग 56 लाख रोजगार हैं, और योजना में अगले 10 वर्षों में इनकी संख्या बढ़ाकर 74 से 76 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।


अतिरिक्त रोजगार विनिर्माण, सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण और परिवहन क्षेत्रों में सृजित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, पुणे आर्थिक क्षेत्र को देश के शीर्ष 10 पर्यटन स्थलों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें किलों, झीलों, खेल एवं साहसिक पर्यटन, स्वास्थ्य और विवाह पर्यटन, आयोजन पर्यटन, वन्यजीव और धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन पर जोर दिया जाएगा।