पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
नई दिल्ली: शनिवार को देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पुराने दामों को बनाए रखा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। इस सप्ताह क्रूड ऑयल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। उपभोक्ताओं को राहत मिली है क्योंकि आज पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
पेट्रोल की कीमतें विभिन्न शहरों में
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों में बड़ा अंतर है। तिरुअनंतपुरम् में पेट्रोल की कीमत 115.49 रुपये प्रति लीटर है, जो सबसे महंगी है। इसके बाद हैदराबाद में 117.07 रुपये, जयपुर में 113.61 रुपये, कोलकाता में 113.50 रुपये और पटना में 113.37 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल उपलब्ध है। नई दिल्ली में इसकी कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है।
डीजल की कीमतें भी 100 रुपये के पार
कई राज्यों में डीजल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं। हैदराबाद में डीजल 105.22 रुपये प्रति लीटर है, जबकि तिरुअनंतपुरम् में इसकी कीमत 104.40 रुपये है। चेन्नई में डीजल 100.74 रुपये और भुवनेश्वर में 100.68 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। दिल्ली में डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आई है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस सप्ताह क्रूड ऑयल में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे इसका भाव 85 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया। इससे पहले फरवरी में भी तनाव के दौरान क्रूड ऑयल 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई थी।
मई में ईंधन की कीमतों में वृद्धि
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 15 से 30 मई के बीच चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की थी। इन बढ़ोतरी के बाद घरेलू बाजार में ईंधन की कीमत लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई थी। उस समय भी वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर घरेलू बाजार पर देखा गया था।
क्या भविष्य में कीमतें बढ़ सकती हैं?
हालांकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें वर्तमान में स्थिर हैं, लेकिन बाजार की नजर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर बनी हुई है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जारी रहती है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ सकती है।
