प्रधानमंत्री मोदी का वैश्विक मंच पर 'सक्षम बनाने की ताकत' का संदेश
नई सोच की आवश्यकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' में वैश्विक समुदाय से एक नई दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान युग में तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार ही असली शक्ति हैं। असली प्रश्न यह नहीं है कि यह शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि इसका उपयोग किस दिशा में और कैसे किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को अब 'कंट्रोल करने की शक्ति' से आगे बढ़कर 'सक्षम बनाने की शक्ति' की ओर बढ़ने की आवश्यकता है।
सक्षम बनाने की शक्ति
उन्होंने कहा कि तकनीक और ज्ञान का उपयोग नियंत्रण या प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं, बल्कि सहयोग और दूसरों को आगे बढ़ाने के लिए होना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, "आज तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार सभी शक्तिशाली हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि इनका उपयोग कैसे किया जा रहा है। क्या तकनीक केवल कुछ लोगों को लाभ पहुंचाएगी या लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी? क्या ज्ञान केवल कुछ विशेष लोगों की संपत्ति रहेगा या सभी की क्षमता को बढ़ाएगा? यही से 'सक्षम बनाने की शक्ति' का विचार उभरता है। हमें मिलकर काम करने और दूसरों को सफल बनाने की शक्ति की आवश्यकता है।"
भारत की GDP में वृद्धि
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक विकास एक मजबूत आधार पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत के हरित परिवर्तन पर जोर देते हुए कहा कि देश ने लगभग 12 वर्षों में अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को चार गुना बढ़ा लिया है।
स्वच्छ ऊर्जा का विकास
पीएम मोदी ने कहा, "2014 में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 75 गीगावाट थी, जो अब लगभग 300 गीगावाट तक पहुँच गई है। इसका मतलब है कि हमने अपनी क्षमता को चार गुना बढ़ा लिया है। यह ऊर्जा परिवर्तन नए अवसर भी पैदा कर रहा है।"
भारत का लोकतंत्र
उन्होंने देश की भाषाई विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। पीएम मोदी ने कहा, "भारत में 100 से अधिक भाषाएँ, लगभग 80,000 रजिस्टर्ड समाचार पत्र और 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल हैं। इसके अलावा, भारत में 50 करोड़ से अधिक YouTube और Instagram उपयोगकर्ता हैं। हमारे देश में विभिन्न मुद्दों पर खुली बहस होती है और डिजिटल शक्ति ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"
गरीबी उन्मूलन की दिशा में कदम
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना है, न कि उन्हें सिस्टम पर निर्भर बनाना। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, जो कई देशों की जनसंख्या से भी अधिक है।
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