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फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारियों की शेयर विकल्पों के लिए सामूहिक अपील

फ्लिपकार्ट के 1,000 से अधिक पूर्व कर्मचारियों ने अपने शेयर विकल्पों को लेकर वॉलमार्ट के सामने सामूहिक अपील की है। उनकी मांग है कि उन्हें भी वर्तमान कर्मचारियों की तरह लाभ प्राप्त करने का अवसर मिले। इस अपील में मिंत्रा और अन्य कंपनियों के पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शेयरों के लाभ को पूर्व कर्मचारियों तक पहुंचाना शामिल है। इस विवाद के पीछे फ्लिपकार्ट के आईपीओ को लेकर अनिश्चितता भी एक बड़ा कारण है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारियों की मांगें

फ्लिपकार्ट के 1,000 से अधिक पूर्व कर्मचारियों ने अपने शेयर विकल्पों के संबंध में कंपनी और उसकी मूल कंपनी वॉलमार्ट के समक्ष एक सामूहिक अपील प्रस्तुत की है। इन पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें भी वर्तमान कर्मचारियों की तरह अपने हिस्से के शेयरों से लाभ प्राप्त करने का उचित अवसर मिलना चाहिए। यह मामला तब उठ रहा है जब फ्लिपकार्ट के आईपीओ की योजना के बारे में कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है।


पूर्व कर्मचारियों की सामूहिक अपील

एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अपील में फ्लिपकार्ट के अलावा मिंत्रा, क्लियरट्रिप, शॉप्सी और सुपरमनी के पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट के निदेशक मंडल से अनुरोध किया है कि पूर्व कर्मचारियों के लिए पहले से मिले शेयर विकल्पों को भुनाने की उचित व्यवस्था की जाए। यह केवल एक हस्ताक्षर अभियान नहीं है, बल्कि एक संगठित मांग है।


प्रमुख मांगें

पूर्व कर्मचारियों ने अपनी अपील में तीन मुख्य मांगें रखी हैं। पहली, मौजूदा कर्मचारियों को दिए जा रहे शेयरों के लाभ को योग्य पूर्व कर्मचारियों तक भी पहुंचाया जाए। दूसरी, नौकरी छोड़ने के बाद पहले से मिले शेयर विकल्पों के उपयोग की समय सीमा को बढ़ाया जाए, ताकि उनके विकल्प समाप्त न हों। तीसरी, फ्लिपकार्ट या वॉलमार्ट द्वारा एक संपर्क अधिकारी नियुक्त किया जाए और पूर्व कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए।


पूर्व अधिकारियों की भी आवाज

इससे पहले, फ्लिपकार्ट के कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वॉलमार्ट के निदेशक मंडल को पत्र लिखकर शेयरों के मामले में समान व्यवहार की मांग की थी। इनमें मिंत्रा के पूर्व CEO मुकेश बंसल, फ्लिपकार्ट के पूर्व CBO अंकित नगोरी, और अन्य शामिल थे।


शेयर विकल्पों का महत्व

पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि ये शेयर विकल्प उनके वेतन और मेहनत का हिस्सा थे। कई शुरुआती कर्मचारियों को 2008 से 2016 के बीच शेयर विकल्प मिले थे और वे इन्हें एक दशक से अधिक समय से अपने पास रखे हुए हैं। उनकी मांग है कि योग्य कर्मचारियों को पूरा अवसर मिले।


आईपीओ की अनिश्चितता

फ्लिपकार्ट के आईपीओ को लेकर अनिश्चितता भी इस विवाद का एक बड़ा कारण है। कंपनी ने सार्वजनिक बाजार में उतरने की योजना बनाई है, लेकिन अभी तक कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है। इस बीच, स्विगी और मीशो जैसी कंपनियां शेयर बाजार में उतर चुकी हैं।


कंपनी की पूर्व योजनाएं

फ्लिपकार्ट ने पहले भी कर्मचारियों को शेयर विकल्पों के माध्यम से लाभ कमाने के अवसर प्रदान किए हैं। जुलाई में हुए कार्यक्रम में कंपनी ने कर्मचारियों के लिए 1.5 अरब डॉलर से अधिक की राशि का मूल्य उपलब्ध कराया था। पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी छोड़ने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि वे नौकरी के दौरान कमाए गए शेयरों से लाभ उठाने का अवसर खो दें।