बायर क्रॉपसाइंस का लाभ 8.84% बढ़ा, लेकिन आय में गिरावट
बायर क्रॉपसाइंस का वित्तीय प्रदर्शन
बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड (बीसीएसएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 8.84 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 166.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 152.7 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बुधवार को एक बयान में बताया कि इस तिमाही में उसकी कुल आय 19.4 प्रतिशत घटकर 1,250.7 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,553.4 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कंपनी के खर्च भी घटकर 1,052.7 करोड़ रुपये हो गए, जबकि पिछले वर्ष यह 1,366.9 करोड़ रुपये था।
चुनौतियों का सामना
कंपनी के वाइस चेयरमैन और सीईओ साइमन डूब्ल्यू ने कहा कि दूसरी तिमाही में परिचालन का माहौल काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि मानसून के असमान वितरण ने बुवाई के रुझानों और फसल संरक्षण उत्पादों की मांग को प्रभावित किया, साथ ही मक्के के रकबे में भी कमी आई।
भविष्य की योजनाएं
साइमन डूब्ल्यू ने कहा कि कंपनी ने अनुशासित तरीके से अपने कामकाज को आगे बढ़ाने, उत्पाद कारोबार को मजबूत करने और नए नवाचारों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक और सीएफओ विनीत जिंदल ने बताया कि दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ में 9 प्रतिशत और पहली छमाही में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
लाभांश की घोषणा
इसकी वजह मक्के के बीजों की बेहतर उत्पादन उपज और लागत दक्षता में सुधार है। इसके अलावा, कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए प्रति शेयर 90 रुपये के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है, जिसके लिए कुल 404.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
