बिहार में बालू खनन 15 अक्टूबर से फिर शुरू होगा
बालू खनन की नई शुरुआत
पटना, 7 सितंबर: बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सोमवार को जानकारी दी कि राज्य में 15 अक्टूबर के बाद बालू खनन का कार्य पुनः आरंभ किया जाएगा। जिन बालू घाटों की पांच साल की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनकी नीलामी की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जा रही है। पटना के विकास भवन सचिवालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्री ने बताया कि इसके लिए जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन (डीएसआर) तैयार किया जा रहा है।
राजस्व संग्रह में वृद्धि
पटना, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा और जमुई जैसे प्रमुख बालू उत्पादक जिलों में इस प्रक्रिया की तैयारी चल रही है। मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक विभाग ने 984 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 725 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 36 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर खनन राजस्व में सालाना 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होती है, लेकिन इस बार महज पांच महीनों में 36 प्रतिशत की वृद्धि विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
खनन क्षेत्र में पारदर्शिता
मंत्री ने इस सफलता का श्रेय विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत तथा राजस्व संग्रह की बेहतर व्यवस्था को दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी भी विभाग की प्राथमिकता है। अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अवैध खनन पर कार्रवाई
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अगस्त तक अवैध खनन के मामलों में 316 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3,043 वाहन जब्त किए गए हैं। इसके मुकाबले 2025-26 में 233 गिरफ्तारियां हुई थीं और 2,425 वाहन जब्त किए गए थे। पत्थर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने 30 खनन ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
पत्थर ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया
इन 30 ब्लॉकों में नवादा के आठ, शेखपुरा के 11, औरंगाबाद के तीन, गया के सात और बांका का एक ब्लॉक शामिल है। मंत्री ने बताया कि नवादा के दो पत्थर ब्लॉक की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य जिलों में यह प्रक्रिया जारी है।
