बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज ने रंग लेपित इस्पात का उत्पादन शुरू किया
बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज का नया उत्पाद
बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज ने घरेलू बाजार में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए रंग लेपित इस्पात का उत्पादन आरंभ किया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक, हर्ष बंसल, ने बताया कि इस नए उत्पाद की आवश्यकता बुनियादी ढांचे, वाहन, निर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है। नई कलर-कोटिंग उत्पादन लाइन झारखंड के बोकारो में 800 करोड़ रुपये की विस्तार योजना का हिस्सा है।
उत्पादन क्षमता का विस्तार
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य विशेष प्रकार के इस्पात उत्पादों के निर्माण की क्षमता को बढ़ाना और कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। कोलकाता स्थित बीएमडब्ल्यू इंडस्ट्रीज पहले से इस्पात कॉइल, शीट, पाइप और टीएमटी सरिया का उत्पादन करती आ रही है। नई उत्पादन लाइन के साथ, कंपनी ने अपने नए डाउनस्ट्रीम इस्पात परिसर के पहले चरण की शुरुआत की है।
डाउनस्ट्रीम उद्योग की परिभाषा
जब कोई उद्योग दूसरे उद्योग से कच्चे माल या अर्धनिर्मित उत्पाद का उपयोग करके अंतिम उत्पाद बनाता है, तो उसे डाउनस्ट्रीम उद्योग कहा जाता है। बंसल के अनुसार, यह परियोजना केंद्र सरकार की विशेष इस्पात के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत स्थापित की गई है, जिससे कंपनी को मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
पीएलआई योजना का महत्व
इस्पात मंत्रालय ने 2021 में 6,322 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ विशेष इस्पात के लिए पीएलआई योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश में उच्च गुणवत्ता वाले और मूल्यवर्धित इस्पात उत्पादों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, प्रौद्योगिकी क्षमता विकसित करना और भारतीय इस्पात उद्योग को मूल्य शृंखला में आगे बढ़ाना है। रंग लेपित इस्पात एक ऐसा उत्पाद है, जिसमें धातु की मजबूती के साथ सुरक्षात्मक धात्विक परत और विशेष पेंट कोटिंग होती है।
उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद की मांग
इससे इस्पात में जंग के प्रति बेहतर प्रतिरोध क्षमता विकसित होती है और इसकी उपयोगिता बढ़ती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक ने कहा कि बुनियादी ढांचे, निर्माण, उपभोक्ता वस्तुओं, वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में इस उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद की मांग बढ़ रही है। वर्तमान में, कंपनी घरेलू बाजार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
भविष्य की योजनाएँ
हालांकि, बाजार की संभावनाओं और मांग का आकलन करने के बाद भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी प्रवेश करने पर विचार किया जा सकता है। बंसल ने बताया कि बोकारो में स्थापित किए जा रहे पांच लाख टन क्षमता वाले नए डाउनस्ट्रीम इस्पात के तहत आने वाले समय में कोटेड स्टील की अतिरिक्त उत्पादन लाइन भी शुरू की जाएंगी। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता और विशेष इस्पात उत्पादों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
ऊर्जा आपूर्ति में सुधार
इसके अलावा, जनवरी से मार्च 2026 के दौरान, कंपनी ने बोकारो संयंत्र को पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की आपूर्ति के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। यह कदम संयंत्र की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
