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बीएसई सेंसेक्स में हल्की बढ़त, आरबीआई की नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं

बीएसई सेंसेक्स ने बुधवार को 152 अंक की वृद्धि के साथ कारोबार समाप्त किया, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच, प्रमुख बैंकिंग और ऑटो शेयरों में तेजी आई। जानें अन्य बाजारों की स्थिति और निवेशकों की प्रतिक्रिया के बारे में।
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सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव

मुंबई, 5 अगस्त: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर रेपो में लगातार चौथी बार कोई परिवर्तन नहीं किया, जिसके बाद बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 152 अंक की वृद्धि के साथ बंद हुआ। इस दौरान, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 152.05 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 78,581 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स में 17 शेयरों ने लाभ दर्ज किया, जबकि 12 शेयरों में गिरावट आई।


सत्र के दौरान सेंसेक्स की गतिविधियाँ

सेंसेक्स ने सकारात्मक शुरुआत की और दिन के पहले भाग में 79,055.38 अंक के उच्चतम स्तर को छुआ। हालांकि, दोपहर के कारोबार में यह ऊपरी स्तर से 769.64 अंक गिरकर 78,285.74 अंक पर आ गया। बाजार बंद होने से पहले, प्रमुख बैंकिंग, ऑटो और पूंजीगत वस्तुओं के शेयरों में तेजी ने सेंसेक्स को घाटे से उबरने में मदद की।


निफ्टी का प्रदर्शन

इस बीच, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 9.75 अंक या 0.04 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 24,624.65 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 24,677.60 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा और 24,497.95 अंक के निचले स्तर तक गिरा।


शेयरों में प्रमुख बदलाव

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंटरग्लोब एविएशन और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों ने सबसे अधिक बढ़त दिखाई। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में गिरावट आई।


नई नीलामी प्रणाली का प्रभाव

शेयर बाजारों ने वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) अनुबंधों वाले शेयरों के लिए नई नीलामी प्रणाली शुरू की है, जिसके चलते सूचकांकों में काफी भिन्नता देखने को मिल रही है। इक्विटी नकद खंड में समापन नीलामी सत्र (सीएएस) सोमवार से शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य मूल्य निर्धारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।


आरबीआई की मौद्रिक नीति

आरबीआई ने बुधवार को अपनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में प्रमुख नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा। बैंक ने यह देखने का निर्णय लिया कि क्या ईरान युद्ध के कारण बढ़ी हुई ऊर्जा लागत व्यापक मुद्रास्फीतिक दबाव में बदलती है।


विश्लेषकों की राय

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एमपीसी ने घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान में मामूली वृद्धि की है। इसके साथ ही, वार्षिक मुद्रास्फीति अनुमानों को कम किया गया है, जो गवर्नर के खुले विचारों वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।


अन्य बाजारों का प्रदर्शन

बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.73 प्रतिशत और मिडकैप 0.45 प्रतिशत बढ़ा। ऑनलाइन कारोबारी मंच एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार स्थिर बंद हुए हैं। पश्चिम एशिया संघर्ष के स्थायी समाधान को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क रहे।


वैश्विक बाजारों की स्थिति

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3.76 प्रतिशत और जापान का निक्की 225 सूचकांक 3.66 प्रतिशत बढ़ा। चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार भी सकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं।


तेल की कीमतों में वृद्धि

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.75 प्रतिशत बढ़कर 80.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 2,446.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।