Newzfatafatlogo

ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक: खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों पर चर्चा

इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा, छोटे किसानों के हित और खेती में महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी पर चर्चा की गई। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के दौरान भारत की अध्यक्षता की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि छोटे किसानों की समस्याओं और उनके सशक्तिकरण पर भी विचार किया जाएगा। बैठक का समापन शनिवार को 'इंदौर घोषणापत्र' के साथ होगा, जिसमें विभिन्न देशों के कृषि मंत्रियों के बीच सहमति बनी है।
 | 
ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक: खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों पर चर्चा

ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रियों की बैठक का आगाज

(भारत की अध्यक्षता में इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार से आरंभ हुई। अधिकारियों के अनुसार, इस अंतर-सरकारी संगठन की बैठक में खाद्यान्न सुरक्षा, छोटे किसानों के हितों और खेती में महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया जाएगा। भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘छोटे किसान, महिलाएं और युवा: भोजन का भविष्य सुरक्षित करना’ विषय पर चर्चा का संचालन किया।)


भारत की अध्यक्षता पर मंत्री चौहान की टिप्पणी

बैठक के आरंभ से पहले चौहान ने मीडिया से कहा, 'भारत लोकतंत्र की जननी है। यह गर्व की बात है कि इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि शनिवार को बैठक समाप्त होने तक कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे।' उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।


महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'भारत और अन्य देशों में परंपरागत रूप से खेती में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। हम उनकी भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर विचार करेंगे।' चौहान ने यह भी बताया कि जब युवा खेती से दूर होते हैं, तो अन्य व्यवसाय उन्हें आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा, 'ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों का मानना है कि यदि युवा नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाते हैं, तो वे खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं।'


छोटे किसानों के हितों पर चर्चा

उन्होंने बताया कि छोटे किसानों के हित बैठक में एक प्रमुख विषय है। चौहान ने कहा, 'भारत में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं, जबकि ब्रिक्स देशों में 70 प्रतिशत छोटे किसान हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है।' उन्होंने कहा कि छोटे किसान कई चुनौतियों का सामना करते हैं और बैठक में चर्चा की जाएगी कि कैसे उन्हें सशक्त बनाया जा सकता है।


बैठक का समापन और घोषणापत्र

मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले, इंदौर में ब्रिक्स के कृषि कार्य समूह के तहत अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक बृहस्पतिवार को संपन्न हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को ब्रिक्स का 'इंदौर घोषणापत्र' जारी किया जाएगा, जो पांच दिवसीय बैठक में बनी सहमति के आधार पर होगा। ब्रिक्स के सदस्य देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं।