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ब्रिटेन का 'ग्रेट नॉर्थ' प्रतिनिधिमंडल भारत में व्यापार अवसरों की खोज में

ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते के तहत 'ग्रेट नॉर्थ' के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की योजना की घोषणा की है। यह प्रतिनिधिमंडल उत्तरी इंग्लैंड के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 प्रतिनिधियों को शामिल करेगा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को उजागर करना है। इस यात्रा का आयोजन 12 से 16 अक्टूबर तक होगा और इससे भारत-ब्रिटेन व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है।
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ब्रिटेन के व्यापार मंत्री का भारत दौरा

ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए 'ग्रेट नॉर्थ' के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। रेनॉल्ड्स ने पिछले वर्ष लंदन के हाइड पार्क में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर सहमति बनाई थी। उन्होंने अगले सप्ताह होने वाले उत्तरी इंग्लैंड व्यापार मिशन को एक सकारात्मक पहल बताया।


ब्रिटेन सरकार के अध्ययन के अनुसार, सीईटीए से उत्तरी इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से हर साल 45 करोड़ पाउंड का लाभ मिलने की संभावना है। रेनॉल्ड्स ने कहा, 'पिछले साल हाइड पार्क में मंत्री गोयल के साथ व्यापार समझौते पर सहमति से लेकर इस गर्मी में इसके कार्यान्वयन तक, उत्तरी इंग्लैंड के महापौरों और व्यवसायियों का यह गठबंधन हमारी साझेदारी के अगले चरण में एक सकारात्मक पहल है। हमारे सबसे महत्वपूर्ण समझौतों से आर्थिक अवसरों की भरपूरता है।'


'ग्रेट नॉर्थ' कार्यक्रम में उत्तरी इंग्लैंड के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें महापौर, व्यवसायी, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और पर्यटन, संस्कृति तथा खेल के क्षेत्र के प्रमुख लोग शामिल हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को उजागर करना है। यह आयोजन 12 से 16 अक्टूबर तक होगा। यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर जयरमण ने कहा, 'उत्तरी इंग्लैंड के व्यवसायियों, स्थानीय नेताओं, विश्वविद्यालयों और संस्थानों को एक साथ लाकर यह मिशन विश्वसनीय संबंध बनाने, संभावित साझेदारों और ग्राहकों से सीधे संपर्क करने और भारतीय बाजार में उपलब्ध अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।'


उन्होंने आगे कहा, 'हमारा ध्यान मुक्त व्यापार समझौते से उत्पन्न गति को ठोस व्यापार, निवेश और संस्थागत साझेदारियों में बदलने में उत्तरी इंग्लैंड की सहायता करने पर है, ताकि ब्रिटेन और भारत दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।' अगले सप्ताह भारत आने वाला प्रतिनिधिमंडल उत्तरी इंग्लैंड के लिए एक मजबूत साझा अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने और पूरे क्षेत्र के समुदायों के लिए अधिक निवेश, व्यापार और पर्यटकों को आकर्षित करने के 'ग्रेट नॉर्थ' के प्रयासों का हिस्सा है।


यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और ब्रिटेन के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 4,800 करोड़ पाउंड है। भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से इसमें महत्वपूर्ण वृद्धि की उम्मीद है।