भर्ती में ईमानदारी की जांच में बढ़ती चुनौतियाँ: एआई का बढ़ता प्रभाव
भर्ती में ईमानदारी की चुनौतियाँ
मुंबई, 2 अक्टूबर: भर्ती प्रक्रिया के मूल्यांकन चरण में उम्मीदवारों की ईमानदारी की जांच में जटिलताएँ बढ़ती जा रही हैं। बड़ी संख्या में आवेदक आकलनों और साक्षात्कारों को प्रभावित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग कर रहे हैं। हायरप्रो द्वारा जारी रिपोर्ट 'कैंडिडेट इंटीग्रिटी इन जॉब असेसमेंट्स एंड इंटरव्यूज 2026' में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आकलनों में धोखाधड़ी की दर 2021-22 में 32 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 45 प्रतिशत हो गई है।
इसका अर्थ है कि लगभग हर दो में से एक मूल्यांकन में ईमानदारी से संबंधित समस्याएँ सामने आई हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि साक्षात्कारों में धोखाधड़ी के मामले वित्त वर्ष 2021-22 में 1.4 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 2.5 प्रतिशत हो गए हैं। हायरप्रो की यह रिपोर्ट 2020-21 से 2025-26 के बीच लगभग 10 लाख आकलनों और एक लाख साक्षात्कारों के वार्षिक नमूनों के विश्लेषण पर आधारित है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आकलनों और साक्षात्कारों के दौरान उम्मीदवारों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी के तरीकों में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। बाहरी सहायता लेना अब भी सबसे प्रमुख तरीका है। मोबाइल और अन्य उपकरणों का उपयोग 13 प्रतिशत, एआई-आधारित धोखाधड़ी 12 प्रतिशत और वीडियो या स्क्रीन में हेरफेर के मामले 9 प्रतिशत रहे हैं।
हालांकि, एआई की सहायता से नकल करने के मामले सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें एक वर्ष में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
