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भारत 6जी अलायंस की प्रगति की समीक्षा: संचार मंत्री का बयान

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत 6जी अलायंस की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें 2030 तक 6जी प्रौद्योगिकी के विकास की योजना पर चर्चा की गई। इस बैठक में विभिन्न कार्यसमूहों द्वारा उठाए गए कदमों का मूल्यांकन किया गया, जो भारत को 6जी प्रौद्योगिकी में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। जानें इस अलायंस के महत्व और इसके द्वारा किए गए पेटेंट आवेदनों के बारे में।
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भारत 6जी लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

नई दिल्ली, 28 जुलाई: संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को भारत 6जी अलायंस की प्रगति और उठाए गए कदमों की समीक्षा की। आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च, 2023 को भारत का 6जी दृष्टिकोण पत्र जारी किया था।


इस दृष्टिकोण में 2030 तक 6जी प्रौद्योगिकी के विकास और कार्यान्वयन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की परिकल्पना की गई है। बयान में कहा गया है, 'केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली में संचार और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी और सचिव (दूरसंचार) अमित अग्रवाल के साथ भारत 6जी अलायंस (बी6जीए) की प्रगति की समीक्षा की।'


बैठक में भारत के 6जी लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए अलायंस द्वारा की गई प्रगति का मूल्यांकन किया गया। यह अलायंस सात विशेष कार्यसमूहों के माध्यम से कार्य करता है।


इन कार्यसमूहों में स्पेक्ट्रम, उपकरण प्रौद्योगिकी, विनिर्माण परिवेश, तकनीक, एप्लिकेशन और 6जी के उपयोग के तरीके तथा राजस्व जैसे क्षेत्र शामिल हैं। बयान के अनुसार, 'अलायंस के सदस्य संगठनों ने सामूहिक रूप से 5जी और 6जी प्रौद्योगिकियों से संबंधित 7,700 से अधिक पेटेंट आवेदन किए हैं, जिनमें से 4,400 से अधिक आवेदन विदेशों में प्रस्तुत किए गए हैं। यह भारत के शोध और नवोन्मेष की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।'