भारत एनसीएपी 2.0: सड़क सुरक्षा के लिए नई पहल
भारत एनसीएपी 2.0 का आगाज
नई दिल्ली, 3 सितंबर: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी कि सरकार अक्टूबर 2027 से भारत एनसीएपी 2.0 की शुरुआत करने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था का समग्र मूल्यांकन करना है, जिससे देश में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर समस्या का समाधान किया जा सकेगा।
सियाम के 66वें वार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए गडकरी ने भारत एनसीएपी की सफलता का उल्लेख किया। भारत एनसीएपी (भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम) एक स्वतंत्र और आधिकारिक वाहन सुरक्षा रेटिंग प्रणाली है, जिसे 2023 में लागू किया गया था। इसके अंतर्गत यात्री वाहनों का 'दुर्घटना' परीक्षण किया जाता है और उन्हें एक से पांच स्टार तक की सुरक्षा रेटिंग प्रदान की जाती है। यह परीक्षण वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया जाता है।
गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा, "हम भारत एनसीएपी-2 की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत अक्टूबर 2027 से सुरक्षा की पूरी श्रृंखला का आकलन किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी समस्या हैं, और हम इस मामले में दुनिया में पहले स्थान पर हैं।"
उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यात्री वाहन बाजार है। भारत में वाहनों के परीक्षण की लागत और समय, एनसीएपी के तहत वैश्विक स्तर पर लगने वाली 2.5 करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम है।
गडकरी ने कहा कि सरकार के प्रयासों के बावजूद, देश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों की संख्या अभी भी चिंताजनक है। हर साल लगभग पांच लाख दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1.80 लाख लोग अपनी जान गंवाते हैं।
मंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग 18 से 36 वर्ष की आयु के होते हैं। उन्होंने इसे देश के लिए गंभीर स्थिति बताते हुए आंकड़ों को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
गडकरी ने कहा, "हम दुर्घटना से जुड़ी पूरी मूल्य श्रृंखला का आकलन करने जा रहे हैं और इसमें नई प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा, जो भारतीय स्टार्टअप द्वारा विकसित की गई हैं।"
सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए, गडकरी ने बताया कि सरकार एक ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसके तहत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा, जबकि जिम्मेदारी से वाहन चलाने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चालक का व्यवहार एक बड़ी समस्या है। लगातार गलतियां करने वाले व्यक्तियों को वाहन चलाने से रोकना उचित होगा। मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र में चरणबद्ध अंक प्रणाली लागू करने की योजना बना रहा है।
गडकरी ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण योजना है। हर अपराध पर ड्राइविंग लाइसेंस के अंक कम होंगे और एक निश्चित सीमा के बाद लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकेगा। वहीं, जिनके अंक अच्छे होंगे, उन्हें बीमा कंपनियों से प्रोत्साहन और अन्य लाभ मिलेंगे।"
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे व्यक्तियों को हतोत्साहित करने की आवश्यकता है, जिनके गलत कार्यों के कारण आम लोगों की जान जाती है।
