भारत और 14 देशों ने औद्योगिक उत्पादन पर नियंत्रण के लिए वैश्विक सहयोग का आह्वान किया
वैश्विक औद्योगिक उत्पादन पर अंकुश लगाने की आवश्यकता
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 8 अक्टूबर - भारत सहित 14 देशों ने अत्यधिक औद्योगिक उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए एक समन्वित वैश्विक प्रयास की आवश्यकता जताई है। इन देशों का कहना है कि अतिरिक्त उत्पादन घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचाता है और आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन उत्पन्न करता है। यह संयुक्त बयान आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) की व्यापार समिति की बैठक के दौरान वाशिंगटन में जारी किया गया।
संयुक्त बयान में उठाए गए मुद्दे
बयान में कहा गया है, "हम सभी देशों से अनुरोध करते हैं कि वे अपनी अर्थव्यवस्थाओं में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन को समाप्त करने के लिए कदम उठाएं। इसमें बाजार को प्रभावित करने वाली गैर-बाजार नीतियों और प्रक्रियाओं का उपयोग समाप्त करना भी शामिल है।" अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने बताया कि जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में हुई चर्चाओं के आधार पर इन देशों ने अमेरिका के साथ एक संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
बयान पर हस्ताक्षर करने वाले देश
इस संयुक्त बयान पर अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, पोलैंड, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका के व्यापार मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए। हालांकि, जी20 के सदस्य चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए।
अमेरिका की जी20 अध्यक्षता के दौरान उठाए गए मुद्दे
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिका की जी20 अध्यक्षता के दौरान कई देशों ने उन स्थानों पर संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन के मुद्दे उठाए, जहां उत्पादन वैश्विक मांग से अधिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचाएगा और श्रमिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करेगा। ग्रीर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इन नीतियों से उत्पन्न विकृतियों के खिलाफ अपने घरेलू उद्योगों और श्रमिकों की रक्षा के लिए व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत जारी रखेगा।
