भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर: रोजगार और विकास की नई संभावनाएं
चीन का वर्चस्व और भारत की स्थिति
दुनिया में डिजिटल हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन में चीन का प्रमुख स्थान है। एम्बर द एज ऑफ पावर 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, चीन की हिस्सेदारी 58.8% है। इसके बाद ताइवान 10.2%, दक्षिण कोरिया 6.7% और जापान 4.8% के साथ शीर्ष चार देशों में शामिल हैं। इन चारों देशों की कुल हिस्सेदारी 80.5% है, जबकि भारत 3.8% हिस्सेदारी के साथ पांचवें स्थान पर है। इस संदर्भ में यह जानना महत्वपूर्ण है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में कितने लोगों को रोजगार मिला है।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में रोजगार का विकास
भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत यह है कि पिछले दस वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में तेजी आई है। नीति आयोग के अनुसार, देश में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन 2014-15 में 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस क्षेत्र का GDP में योगदान लगभग 3.4% है.
रोजगार के अवसरों का विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विकास का प्रभाव रोजगार पर भी स्पष्ट है। नीति आयोग के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और संबंधित सप्लाई चेन में 2.5 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष और लगभग 1.2 लाख सीधे रोजगार सृजित हुए हैं। इनमें से लगभग 70% कर्मचारी 19 से 24 वर्ष की आयु की महिलाएं हैं। पिछले एक दशक में इस उद्योग ने लगभग 25 लाख रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने भी रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मोबाइल फोन निर्माण का योगदान
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की प्रगति में मोबाइल फोन निर्माण का बड़ा हाथ है। वर्तमान में, भारत दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। मोबाइल फोन की असेंबली के लिए बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता होती है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। भारतीय कंपनियां अब मोबाइल फोन की वैल्यू चेन के अन्य हिस्सों, जैसे डिजाइनिंग में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रही हैं.
निर्यात में वृद्धि
2015 में भारत से लगभग 8.6 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का निर्यात हुआ था, जो 2024 तक बढ़कर लगभग 42 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान, भारत के कुल निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी 3.01% से बढ़कर लगभग 10% हो गई। 2015 से 2024 के बीच, भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में हर साल औसतन 17.2% की वृद्धि हुई, जबकि वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात की वृद्धि दर लगभग 4.4% रही.
