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भारत का वस्तु निर्यात अगस्त में 23% बढ़ा, व्यापार घाटा कम हुआ

अगस्त 2023 में भारत का वस्तु निर्यात 23.04 प्रतिशत बढ़कर 44.4 अरब डॉलर हो गया, जबकि व्यापार घाटा 30.21 अरब डॉलर रहा। इस वृद्धि का मुख्य कारण पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायनों का निर्यात है। हालांकि, सितंबर में व्यापार घाटा बढ़ा है। जानें आयात के आंकड़े और निर्यात की संभावनाएं।
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वस्तु निर्यात में वृद्धि

अगस्त में देश का वस्तु निर्यात 44.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो कि पिछले वर्ष के इसी महीने के 36.08 अरब डॉलर की तुलना में 23.04 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायनों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


व्यापार घाटा

हालांकि, अगस्त की तुलना में सितंबर में व्यापार घाटा बढ़कर 30.21 अरब डॉलर हो गया, जबकि अगस्त में यह 26.86 अरब डॉलर था। पिछले वर्ष सितंबर में व्यापार घाटा 33 अरब डॉलर था।


आयात में वृद्धि

सितंबर में आयात सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 74.61 अरब डॉलर रहा। इस दौरान सोने और चांदी का आयात क्रमशः 81.27 प्रतिशत और 49.11 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर और 66.5 करोड़ डॉलर रहा। वहीं, कच्चे तेल का आयात 30.76 प्रतिशत बढ़कर 18.34 अरब डॉलर हो गया।


कच्चे तेल की कीमतें

ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें हाल के हफ्तों में 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के पहले छह महीनों में निर्यात 18.51 प्रतिशत बढ़कर 259.89 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16.31 प्रतिशत बढ़कर 437.53 अरब डॉलर रहा।


निर्यात की संभावनाएं

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि निर्यात में वृद्धि का रुख सकारात्मक बना हुआ है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो देश का वस्तु निर्यात 500 अरब डॉलर के स्तर को पार कर सकता है।


सेवा निर्यात

सितंबर में सेवा निर्यात 36.35 अरब डॉलर और सेवा आयात 19.44 अरब डॉलर रहा। अग्रवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण यात्रा और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों के निर्यात पर असर पड़ा है।


निर्यातकों की प्रतिक्रिया

निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि निर्यातक वैश्विक अनिश्चितता के बीच खुद को अनुकूलित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, रसायन और कृषि जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ प्रौद्योगिकी-प्रधान उत्पादों का निर्यात भी वृद्धि को गति दे रहा है।


भविष्य की दिशा

उन्होंने कहा कि भारत को उच्च मूल्य वाले और प्रौद्योगिकी-प्रधान निर्यात का विस्तार करने के लिए अनुकूल नीतियों की आवश्यकता है। यह भारत के 1,000 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य की दिशा में एक ठोस आधार प्रदान करता है।