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भारत के 5 राज्य विश्व बैंक के अपर-मिडिल-इनकम स्तर को पार कर गए

हाल ही में विश्व बैंक के आंकड़ों से पता चला है कि भारत के 5 राज्य अपर-मिडिल-इनकम स्तर को पार कर चुके हैं। दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों ने इस मानक को पार किया है, जबकि कुछ अन्य राज्य मामूली अंतर से चूक गए हैं। इसके अलावा, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्य अभी भी चिंताजनक स्थिति में हैं। जानें इन राज्यों की आय और भारत के आर्थिक विकास के बारे में अधिक जानकारी।
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भारत की आर्थिक स्थिति पर नई रिपोर्ट


नई दिल्ली: हाल ही में विश्व बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। भारत भले ही 'लोअर-मिडिल-इनकम' देशों की श्रेणी में आता हो, लेकिन इसके 5 राज्यों ने 'अपर-मिडिल-इनकम' के स्तर को पार कर लिया है। विश्व बैंक ने हाल ही में श्रीलंका, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों को उनकी बेहतर आय के कारण उच्च आय समूह में रखा है।


भारत की औसत प्रति व्यक्ति आय 2,760 डॉलर, यानी लगभग 2.3 लाख रुपये है। हालांकि, राज्यों के बीच आय में काफी भिन्नता है। विश्व बैंक के मानदंडों के अनुसार, जिन देशों की प्रति व्यक्ति आय 1,175 डॉलर से कम है, उन्हें 'गरीब' माना जाता है, जबकि 1,175 से 4,635 डॉलर के बीच वाले 'लोअर-मिडिल-इनकम' श्रेणी में आते हैं।


भारत के शीर्ष 5 राज्य

भारत के इन पांच राज्यों की प्रति व्यक्ति आय विश्व बैंक के 'अपर-मिडिल-इनकम' के मानक 4,636 डॉलर से अधिक है:



  • दिल्ली: 6,217 डॉलर

  • कर्नाटक: 5,579 डॉलर

  • तेलंगाना: 5,407 डॉलर

  • तमिलनाडु: 5,329 डॉलर

  • गुजरात: 4,734 डॉलर


ये राज्य अब दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं या उनसे आगे निकल चुके हैं।


तीन राज्य लक्ष्य से चूक गए

तीन प्रमुख राज्य ऐसे हैं जो मामूली अंतर से इस सूची में शामिल नहीं हो सके:



  • महाराष्ट्र: 4,628 डॉलर (सिर्फ 8 डॉलर कम)

  • हरियाणा: 4,627 डॉलर (सिर्फ 9 डॉलर पीछे)

  • केरल: 4,610 डॉलर (सिर्फ 26 डॉलर से चूक गए)


सबसे कम आय वाले राज्य

वहीं, कुछ राज्यों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बिहार 984 डॉलर की प्रति व्यक्ति आय के साथ भारत का सबसे गरीब राज्य है। इसके बाद उत्तर प्रदेश 1,403 डॉलर और झारखंड 1,470 डॉलर पर हैं। इन राज्यों के लोगों की औसत आय नेपाल और कुछ अफ्रीकी देशों से भी कम है।


30 वर्षों में भारत का आर्थिक विकास

1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य मिडिल-इनकम श्रेणी में नहीं था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। हालांकि, इस विकास ने राज्यों के बीच असमानता को बढ़ा दिया है:


असमानता में वृद्धि: पिछले 30 वर्षों में अमीर और गरीब राज्यों के बीच का अंतर 2.38 गुना से बढ़कर 3.73 गुना हो गया है।


मध्यम वर्ग के राज्यों की प्रगति: पिछले दशकों में मध्यम आय वाले राज्यों (जैसे कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु) ने सबसे तेज़ी से विकास किया है।


कुछ चौंकाने वाले बदलाव

ओडिशा बनाम यूपी: 30 साल पहले ओडिशा और उत्तर प्रदेश की आय समान थी, लेकिन अब ओडिशा के लोग यूपी के मुकाबले 75% अधिक कमाते हैं।


असम बनाम झारखंड: पहले दोनों राज्य बराबरी पर थे, लेकिन अब असम की प्रति व्यक्ति आय झारखंड से 48% अधिक है।


पंजाब की गिरावट: 1994-95 में पंजाब सभी बड़े राज्यों में सबसे अमीर था, लेकिन अब वह राजस्थान के बराबर आ गया है और सात अन्य राज्यों से पीछे रह गया है।