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भारत के प्रमुख शहरों में खुदरा स्थानों की पट्टा मांग में गिरावट

भारत के आठ प्रमुख शहरों में जुलाई से सितंबर 2023 के बीच खुदरा स्थानों की पट्टा मांग में 38 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि, 'हाई-स्ट्रीट' स्थानों पर पट्टा मांग में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और रियल एस्टेट के विशेषज्ञों की राय।
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खुदरा स्थानों की पट्टा मांग में कमी

जुलाई से सितंबर 2023 के बीच, भारत के आठ बड़े शहरों में शॉपिंग मॉल में खुदरा स्थानों की पट्टा मांग में 38 प्रतिशत की कमी आई, जो 7.1 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड के अनुसार, 2026 की तीसरी तिमाही में 'हाई-स्ट्रीट' स्थानों पर खुदरा पट्टा मांग में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 15.1 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई।


इन शहरों में मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद शामिल हैं। शॉपिंग मॉल और 'हाई-स्ट्रीट' को मिलाकर कुल खुदरा पट्टा मांग जुलाई-सितंबर तिमाही में लगभग 5 प्रतिशत घटकर 22.2 लाख वर्ग फुट रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 23.3 लाख वर्ग फुट थी।


2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में खुदरा पट्टा मांग में 'हाई-स्ट्रीट' स्थानों का प्रमुख योगदान रहा, जिनकी हिस्सेदारी कुल पट्टा मांग में 68 प्रतिशत रही। वहीं, शॉपिंग मॉल का हिस्सा 32 प्रतिशत रहा। आठ शहरों में केवल मुंबई और पुणे में पट्टा गतिविधियों में कमी आई, जबकि अन्य छह शहरों में वृद्धि देखी गई। हालांकि, जनवरी से सितंबर 2023 के बीच कुल खुदरा पट्टा मांग में मामूली वृद्धि हुई, जो 65.7 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई।


कुशमैन एंड वेकफील्ड के कार्यकारी प्रबंध निदेशक गौतम सराफ ने कहा कि भारत का खुदरा बाजार स्थिर मांग दिखा रहा है, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले खुदरा स्थानों की उपलब्धता सीमित बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी से सितंबर के बीच पट्टा गतिविधियों में वृद्धि हुई, जबकि इन आठ शहरों में कोई नया शॉपिंग मॉल नहीं खोला गया।