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भारत के प्राथमिक बाजार में आईपीओ का रिकॉर्ड उछाल

भारत के प्राथमिक बाजार में आईपीओ का कुल मूल्य 3.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो कि पिछले आंकड़ों से लगभग 3.5 गुना अधिक है। एआईबीआई के अनुसार, 130 कंपनियों को सेबी से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि 75 अन्य कंपनियां मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राथमिक बाजार अब एक स्थायी पूंजी निर्माण तंत्र में बदल रहा है, जिससे कंपनियों की बढ़ती रुचि का पता चलता है।
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प्राथमिक बाजार में अभूतपूर्व वृद्धि

भारत के प्राथमिक बाजार में एक अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है, जहां प्रस्तावित आईपीओ का कुल मूल्य 3.86 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है। उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट बैंकर्स ऑफ इंडिया (एआईबीआई) के अनुसार, यह आंकड़ा 2026 में अब तक 84 निर्गमों के माध्यम से जुटाई गई 1.10 लाख करोड़ रुपये की राशि से लगभग 3.5 गुना अधिक है। यह स्थिति सार्वजनिक बाजार से पूंजी जुटाने में कंपनियों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।


कंपनियों की बढ़ती संख्या

एआईबीआई ने अपने मध्यावधि श्वेत पत्र में जानकारी दी है कि प्रस्तावित आईपीओ में लगभग 130 कंपनियां शामिल हैं, जिन्हें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा, 75 अन्य कंपनियों ने मसौदा दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं और वे नियामकीय मंजूरी की प्रतीक्षा कर रही हैं। एआईबीआई के चेयरमैन महावीर लूणावत ने बताया कि सेबी से मंजूरी प्राप्त कंपनियों का कुल मूल्य लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये है, जबकि जिन कंपनियों की समीक्षा चल रही है, वे 1.44 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं।


प्राथमिक बाजार का विकास

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक बाजार अब चक्रीय दौर से आगे बढ़कर एक मजबूत और स्थायी पूंजी निर्माण तंत्र में परिवर्तित हो रहा है। 2016 से 2026 तक, मुख्य मंच (बीएसई-एनएसई) पर सूचीबद्ध आईपीओ के माध्यम से कुल 8.36 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। इस अवधि में, सालाना जुटाई जाने वाली राशि 2016 के 26,494 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 1.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।


आईपीओ की संख्या में वृद्धि

इस दौरान, निर्गमों की संख्या 2016 में 26 से बढ़कर 2025 में 103 हो गई। वर्ष 2026 में अब तक मुख्य मंच पर सूचीबद्ध 84 आईपीओ ने 1.10 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं।