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भारत के बुनियादी उद्योगों में जुलाई में वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत तक पहुंची

जुलाई में भारत के नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत रही, जो जून के 6 प्रतिशत से कम है। इस वृद्धि में कोयला, पेट्रोलियम, सीमेंट और लौह अयस्क के उत्पादन में सुधार का योगदान रहा। हालांकि, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में गिरावट आई है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और भविष्य में संभावित रुझान।
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बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर में बदलाव

कोयला, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद, सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में वृद्धि के चलते देश के नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जुलाई में 5.4 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह जानकारी आधिकारिक आंकड़ों के माध्यम से बृहस्पतिवार को साझा की गई। हालांकि, यह वृद्धि जून में दर्ज 6 प्रतिशत की तुलना में कम रही।


पिछले साल जुलाई में इन क्षेत्रों का उत्पादन 3.2 प्रतिशत बढ़ा था। इस वर्ष जून से इन आंकड़ों को नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जारी किया जा रहा है, जबकि पहले आधार वर्ष 2011-12 था। सरकार ने इस सूचकांक में लौह अयस्क को शामिल किया है, जिससे प्रमुख बुनियादी उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।


वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और उर्वरक के उत्पादन में कमी आई। इस दौरान इस्पात उत्पादन की वृद्धि भी घटकर 2.9 प्रतिशत रह गई, जो जुलाई 2025 में 15.7 प्रतिशत थी। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन 4.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह वृद्धि 1.5 प्रतिशत थी।


इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत ने बताया कि प्रमुख उद्योगों में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में गिरावट जारी है, जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में मासिक आधार पर कमी आई है। दूसरी ओर, सूचकांक में 53.4 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले लौह अयस्क, बिजली और इस्पात क्षेत्र की वृद्धि दर जून की तुलना में धीमी रही। पंत ने कहा, 'आधार प्रभाव के कारण अगस्त में प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन वृद्धि और भी कम होकर पांच प्रतिशत से नीचे जा सकता है।'


रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों के उत्पादन के रुझान को देखते हुए जुलाई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि जून के 7.3 प्रतिशत से घटकर लगभग 6-6.5 प्रतिशत रह सकती है।