भारत के वाणिज्य मंत्री ने चार देशों के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की
द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस, कनाडा, सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। गोयल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के मिल्वॉकी में जी20 के व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान इन देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, 'जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर फ्रांस के विदेश व्यापार और आर्थिक मामलों के मंत्री निकोलस फोरिसियर से मुलाकात की।'
गोयल ने बताया कि उन्होंने और फोरिसियर ने व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने, भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर जल्द हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया को तेज करने और भारत में वैमानिकी विनिर्माण, यूपीआई एकीकरण एवं संयुक्त नवाचार पहलों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, 'मैं इस साल के अंत में भारत में उनका स्वागत करने और द्विपक्षीय आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।'
गोयल ने कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ 'सार्थक बैठक' की, जिसमें भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) की प्रगति की समीक्षा की गई। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा मार्च में शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है।
वाणिज्य मंत्री ने कहा, 'मुंबई में हाल ही में हुई हमारी बैठक को आगे बढ़ाते हुए, हमने बातचीत में तेजी लाने और समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।' गोयल ने सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अल-कसाबी से मुलाकात पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हमने भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए जारी बातचीत में प्रगति पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों की तलाश की।'
इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री पार्क जंग-सुंग से भी मुलाकात की, जिसमें भारत-कोरिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (आईकेसीईपीए) को उन्नत करने, संतुलित व्यापार वृद्धि, भारतीय कृषि, दवा और समुद्री उत्पादों के लिए बाजार पहुंच तथा भारत में कोरियाई विनिर्माण निवेश पर चर्चा की।
