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भारत के विमानन क्षेत्र में संभावित बदलाव: इंडिगो के प्रमुख का विरोध

भारत के विमानन क्षेत्र में संभावित बदलावों को लेकर इंडिगो के प्रमुख राहुल भाटिया ने चिंता जताई है। उन्होंने प्रस्तावित नियमों के खिलाफ आवाज उठाई है, जो हवाईअड्डा संचालकों को विमानन कंपनियों में अधिक हिस्सेदारी रखने की अनुमति देते हैं। भाटिया का कहना है कि इससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। इस बीच, निवेशकों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है, जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय का मानना है कि अधिक विमानन कंपनियों से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
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विमानन क्षेत्र में नई बहस

भारत के विमानन उद्योग में संभावित बड़े परिवर्तनों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इंडिगो के संस्थापक और प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने उस प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें हवाईअड्डा संचालकों को विमानन कंपनियों में अधिक हिस्सेदारी रखने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ताओं के हितों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.


राहुल भाटिया की चिंताएँ

कंपनी के तिमाही परिणामों के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में, भाटिया ने कहा कि दुनिया के किसी भी प्रमुख देश में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता, जहां हवाईअड्डा संचालक और विमानन कंपनी एक ही समूह के नियंत्रण में हों। उन्होंने इस स्थिति को हितों के टकराव का कारण बताया और सवाल किया कि इससे यात्रियों को क्या लाभ होगा.


केंद्र सरकार के प्रस्ताव

केंद्र सरकार वर्तमान में उन नियमों में संशोधन पर विचार कर रही है, जिनके तहत प्रमुख हवाईअड्डों का संचालन करने वाली कंपनियों को किसी नियमित विमानन कंपनी में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने की अनुमति नहीं है। यदि यह नियम बदला जाता है, तो अदाणी समूह, जो मुंबई हवाईअड्डे का संचालन करता है, किसी मौजूदा विमानन कंपनी में निवेश कर सकता है या नई विमानन सेवा शुरू कर सकता है.


निवेशकों की प्रतिक्रिया

इस खबर के प्रकाश में आने के बाद, निवेशकों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है। लगातार दो कारोबारी सत्रों में इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमों में बदलाव होता है, तो विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, जिसका प्रभाव मौजूदा बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा.


नागरिक उड्डयन मंत्रालय की राय

वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में केवल दो बड़े विमानन समूहों का प्रभुत्व लंबे समय तक उचित नहीं है। उनके अनुसार, अधिक विमानन कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा.


भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की कार्रवाई

इस बीच, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इंडिगो से जुड़े एक मामले में आम जनता से सुझाव मांगे हैं। यह मामला पिछले वर्ष उड़ानों के कार्यक्रम में आई अव्यवस्था की जांच से संबंधित है। इंडिगो ने आयोग के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि वह कुछ समय के लिए घरेलू उड़ानों के अपने निर्धारित समय स्लॉट वापस कर सकती है, जिससे संबंधित हवाईअड्डा प्राधिकरण या संचालक जरूरत के अनुसार इन स्लॉट का पुनः आवंटन कर सकेंगे.