Newzfatafatlogo

भारत ने चीन से आयातित सीमलेस ट्यूब और पाइप पर डंपिंग रोधी शुल्क बढ़ाया

भारत ने घरेलू निर्माताओं की सुरक्षा के लिए चीन से आयातित सीमलेस ट्यूब और पाइप पर डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि को 27 जनवरी, 2027 तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार लिया गया है। इसके अलावा, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका से निर्यातित ब्यूटानॉल पर भी डंपिंग रोधी शुल्क जारी रहेगा। जानें इस निर्णय के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
 | 

डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि में वृद्धि

भारत ने घरेलू निर्माताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, चीन से आयातित कुछ सीमलेस ट्यूब और पाइप पर लगाए गए डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि को 27 जनवरी, 2027 तक बढ़ा दिया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना में दी गई है।


सीबीआईसी का निर्णय

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने अपनी अधिसूचना में संशोधन करते हुए बताया कि यह डंपिंग रोधी शुल्क तब तक लागू रहेगा जब तक कि इसे पहले निरस्त, प्रतिस्थापित या संशोधित नहीं किया जाता। यह शुल्क पहली बार 28 अक्टूबर, 2021 को पांच वर्षों के लिए लागू किया गया था। वर्तमान में, यह शुल्क 961.33 डॉलर से लेकर 1,610.67 डॉलर प्रति टन के बीच है।


अन्य देशों से आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क

सीबीआईसी ने मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका से निर्यात किए जाने वाले नॉर्मल ब्यूटानॉल या एन-ब्यूटिल अल्कोहल के आयात पर भी डंपिंग रोधी शुल्क को पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया है। यह रसायन, पेंट, चिपकाने वाले पदार्थ और कोटिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है।


डंपिंग रोधी उपायों का उद्देश्य

डंपिंग रोधी उपायों का मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष व्यापार को सुनिश्चित करना और घरेलू उद्योग को समान प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्रदान करना है। इन उपायों का लक्ष्य आयात पर रोक लगाना या उत्पादों की लागत में अनुचित वृद्धि करना नहीं है।