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भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता: किसानों और छोटे व्यवसायों को मिलेगा बड़ा लाभ

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के महत्व पर प्रकाश डाला, जो किसानों, छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। यह समझौता 15 जुलाई से लागू होगा और भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक पहुंच प्रदान करेगा। गोयल ने बताया कि यह समझौता न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि वंचित वर्गों को भी सशक्त बनाएगा। जानें इस समझौते के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता: किसानों और छोटे व्यवसायों को मिलेगा बड़ा लाभ

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का महत्व

नई दिल्ली - केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को जानकारी दी कि भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाला व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इससे भारतीय किसानों, व्यवसायियों, कारीगरों और आम नागरिकों को लाभ होगा।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, "ब्रिटेन के प्रीमियम बाजार में पहुंच से महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए नए वैश्विक अवसर खुलेंगे। यह समझौता भारत के मूल हितों की रक्षा करते हुए वंचित वर्गों को भी सशक्त बनाएगा।" गोयल ने बताया कि यह ऐतिहासिक समझौता भारतीय किसानों, मछुआरों, कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने में मदद करेगा। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और आम लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर मिल सकेंगे।


उन्होंने एक विस्तृत लेख में बताया कि यह परिवर्तनकारी समझौता 15 जुलाई से लागू होगा और यह दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। यह भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक पहुंच प्रदान करेगा, विशेषकर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में। लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।


पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने वाला है। किसानों को प्रीमियम निर्यात बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जबकि उनके घरेलू हितों की भी सुरक्षा की जाएगी। मछुआरों को ब्रिटेन के विशाल बाजार में समुद्री उत्पादों के निर्यात का लाभ मिलेगा।


मंत्री ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों को ब्रिटेन के बाजार में ऐसे लाभ देगा, जो कई मामलों में यूरोपीय देशों को मिलने वाले लाभों के बराबर या उससे अधिक होंगे। हल्दी, काली मिर्च, इलायची और आम का गूदा, अचार तथा दालों जैसे प्रसंस्कृत उत्पादों को यूके में शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा। इससे कृषि निर्यात बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।


उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारत के सबसे संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को बाहर रखा गया है ताकि घरेलू किसानों के हित सुरक्षित रह सकें। डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज, सेब, ओट्स और खाद्य तेल जैसे क्षेत्रों को समझौते में शामिल नहीं किया गया है। यह सरकार की खाद्य सुरक्षा और घरेलू मूल्य स्थिरता की नीति को दर्शाता है।


पीयूष गोयल ने कहा कि यूके के विशाल बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने से भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इससे पारंपरिक कारीगरों, बड़े कारखानों और क्षेत्रीय औद्योगिक केंद्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी। छोटे व्यवसायों को भी लाभ होगा क्योंकि भारतीय उत्पादों को अन्य देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।


उन्होंने कहा कि यह समझौता देश की वास्तविक अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। "तिरुपुर के करघों से लेकर बेंगलुरु की प्रयोगशालाओं तक, सूरत के हीरा कारीगरों से लेकर हैदराबाद के सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों तक, यह समझौता देश की अर्थव्यवस्था के हर महत्वपूर्ण हिस्से को प्रभावित करेगा और विकास की नई संभावनाएं पैदा करेगा।"