भारत में LPG आयात में अमेरिका की प्रमुखता, मंत्री ने साझा की जानकारी
भारत के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) आयात में अमेरिका की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत ने अमेरिका से LPG आयात की मात्रा में वृद्धि की है। उन्होंने यह भी साझा किया कि कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाने के साथ-साथ, सरकार ने समुद्र मंथन कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देना है। इस लेख में जानें और क्या कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है।
| Aug 7, 2026, 20:13 IST
भारत के LPG आयात में बदलाव
हाल के महीनों में भारत के लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिसमें अमेरिका अब सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत ने शुरू में अमेरिका से LPG की केवल एक छोटी मात्रा मंगाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब यह संख्या तेजी से बढ़ी है।
आपूर्ति में विविधता
पुरी ने कहा कि ईरान युद्ध से पहले, भारत अपने कच्चे तेल का लगभग आधा आयात उन देशों से करता था जो इस मार्ग से जुड़े थे, जबकि 90 प्रतिशत LPG और 60 प्रतिशत गैस भी इसी रास्ते से आती थी। उन्होंने यह भी कहा कि आपूर्ति में बाधा के बावजूद, भारत ने स्रोतों में विविधता लाकर किसी भी क्षेत्र में कमी नहीं आने दी। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि एक भी पेट्रोल पंप सूखा नहीं पड़ा।
कच्चे तेल के आयात में वृद्धि
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक पहुंचा दिया है। इसके अलावा, पेट्रोल पंपों की संख्या 2014 में लगभग 52,000 से बढ़कर अब 1.07 लाख हो गई है। शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार भी 55 क्षेत्रों से बढ़कर 309 तक हो गया है। पुरी ने कहा कि आज अमेरिका भारत के लिए LPG का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो कुल आयात का लगभग 67 प्रतिशत है।
समुद्र मंथन कार्यक्रम
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने 84,000 करोड़ रुपये के ‘समुद्र मंथन’ कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य गहरे समुद्र में तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देना है। इस योजना में निजी क्षेत्र की भागीदारी होगी, और सरकार ड्रिलिंग लागत का 50 प्रतिशत या प्रति कुआं 650 करोड़ रुपये तक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपतटीय क्षेत्रों को खोज के लिए खोला है और भविष्य में लाइसेंस के और अवसर दिए जाएंगे। इसके साथ ही, कम्प्रेस्ड बायोगैस और एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
