भारत में अमेरिकी विनिर्माताओं के लिए सह-निवेश के अवसर: पीयूष गोयल का आग्रह
पीयूष गोयल का अमेरिकी विनिर्माताओं से आग्रह
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी निर्माताओं को भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में सह-निवेश के अवसरों की खोज करने का सुझाव दिया। गोयल ने मंगलवार को विस्कॉन्सिन के मिल्वॉकी में जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स’ (एनएएम) द्वारा आयोजित एक कारोबारी गोलमेज बैठक में यह बात कही। वह मंगलवार को शिकागो पहुंचे थे।
मिल्वॉकी, अमेरिका का एक प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र है, जहां खाद्य एवं पेय, मशीनरी निर्माण, ऊर्जा और जल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की कई प्रमुख कंपनियों के मुख्यालय स्थित हैं। गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया कि एनएएम की बैठक में उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों में तेजी के साथ भारत के बढ़ते औद्योगिक आधार और कुशल कार्यबल को उजागर किया। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी निर्माताओं को भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने, भारतीय एमएसएमई के साथ सहयोग करने और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए उन्नत विनिर्माण में सह-निवेश के अवसरों की तलाश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा।’’
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कारोबारी गोलमेज बैठक और एनएएम द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में जी20 व्यापार मंत्रियों के साथ भाग लिया। जी20 मंत्रिस्तरीय बैठक में व्यापार से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने और संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता तथा अतिरिक्त उत्पादन से निपटने के उपाय शामिल हैं। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा आईईईपीए के तहत लगाए गए शुल्कों को रद्द करने के बाद, अमेरिका इन दो शुल्क संबंधी उपायों का उपयोग कर रहा है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) द्वारा पिछले सप्ताह जारी बयान के अनुसार, ग्रीर जी20 की चर्चाओं का नेतृत्व करेंगे। इनमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बंधुआ मजदूरी को समाप्त करना, सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) सिद्धांत को अद्यतन करना, खाद्य पदार्थों के व्यापार को हथियार बनाने की निंदा करना और संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता तथा उत्पादन से निपटना शामिल है।
जी20, यानी 20 देशों का समूह, एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें दुनिया की प्रमुख विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक नीतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए शामिल होती हैं। अमेरिका 2026 में जी20 की अध्यक्षता करेगा। इसके सदस्यों में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
