भारत में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में छूट का ऐलान
केंद्र सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय
केंद्र सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी होने की संभावना है। इस स्थिति का भारत पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, पिछले तीन महीनों में भारत के लिए कई जहाजों ने होर्मुज पार किया है, लेकिन वर्तमान में हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में छूट
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विभिन्न प्रकारों पर उत्पाद शुल्क को माफ कर दिया गया है। यह छूट ई22, ई25, ई27 और ई30 वेरिएंट पर लागू होगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन मिश्रणों पर उत्पाद शुल्क 'शून्य' होगा। इसका उद्देश्य ग्राहकों को इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की ओर आकर्षित करना है।
तेल कंपनियों पर बढ़ता दबाव
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा और पश्चिम एशिया से तेल की आपूर्ति में कमी के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। इससे तेल कंपनियों को अधिक खर्च करना पड़ रहा है, जिसके कारण उन्हें पेट्रोल और डीजल पर भारी नुकसान हो रहा है। इस स्थिति के चलते हाल के दिनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम जनता महंगाई का सामना कर रही है।
