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भारत में खनिज एक्सचेंज की स्थापना की तैयारी, अगले वित्त वर्ष में शुरू हो सकता है संचालन

भारत में खनिज एक्सचेंज की स्थापना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जो अगले वित्त वर्ष में पंजीकरण के बाद कार्यशील हो सकता है। यह एक्सचेंज खनिजों के लिए एक पारदर्शी और इलेक्ट्रॉनिक व्यापार मंच प्रदान करेगा, जिससे बाजार में मूल्य खोज को बढ़ावा मिलेगा। खान मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव वीणा कुमारी डर्मल ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसमें खनिजों की गुणवत्ता और मानकीकरण पर जोर दिया गया है। इस पहल से आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।
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खनिज एक्सचेंज का पंजीकरण और संचालन

भारत का पहला खनिज एक्सचेंज अगले वित्त वर्ष में पंजीकृत होकर कार्यशील हो सकता है। यह जानकारी मंगलवार को एक सरकारी अधिकारी ने साझा की। खान मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव वीणा कुमारी डर्मल ने फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज (फिमी) की 60वीं वार्षिक आम बैठक में बताया कि इस एक्सचेंज का पंजीकरण प्रक्रिया में है और इसके संचालन की उम्मीद अगले वित्त वर्ष में है।


पारदर्शिता और सूचना का आदान-प्रदान

यह एक्सचेंज खनिजों के लिए एक पारदर्शी, इलेक्ट्रॉनिक और डिलिवरी आधारित व्यापार मंच प्रदान करेगा। इससे बाजार में मूल्य खोज को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादकों तथा खरीदारों के बीच सूचना की असमानता कम होगी। डर्मल ने बताया कि मंत्रालय ने जून में खनिज एक्सचेंज नियम, 2026 को अधिसूचित किया था।


खनिजों की गुणवत्ता और मानकीकरण

इन नियमों का उद्देश्य खनिजों की पारदर्शी मूल्य खोज और गुणवत्ता के मानकीकरण के साथ एक आधुनिक मंच तैयार करना है। डर्मल ने कहा कि खनिज एक्सचेंज में बाजार में हेराफेरी को रोकने और व्यापार में शामिल पक्षों के हितों की रक्षा के लिए जोखिम प्रबंधन तंत्र भी होगा। इससे उत्पादकों और खरीदारों को खनिजों के लिए विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध होगा।


आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम

उन्होंने कहा कि खनिज बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में, देश का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 10,12,000 करोड़ रुपये मूल्य के खनिजों का आयात किया।


खनन क्षेत्र में वृद्धि

यह आयात बोझ को कम करने के लिए उद्योग का विस्तार, घरेलू क्षमता और उत्पादन में वृद्धि, और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता को दर्शाता है। डर्मल ने बताया कि पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खनिज उत्पादन का मूल्य 2013-14 में लगभग 50,000 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये हो गया।


खनिज उत्पादन में वृद्धि

उन्होंने कहा कि यह वृद्धि खान मंत्रालय द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों का परिणाम है। डर्मल ने कहा, "खनिज उत्पादन में वृद्धि हो रही है, लेकिन यह देश की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।" लौह अयस्क का उत्पादन 2013-14 में 152 करोड़ टन से बढ़कर पिछले वर्ष 312 करोड़ टन हो गया। चूना पत्थर का उत्पादन 280 करोड़ टन से बढ़कर 483 करोड़ टन और बॉक्साइट का उत्पादन 22 करोड़ टन से बढ़कर 26 करोड़ टन हो गया।