भारत में खुदरा महंगाई दर में वृद्धि: खाद्य और परिवहन लागत का प्रभाव
महंगाई दर में वृद्धि का कारण
नई दिल्ली: हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर 4.38% तक पहुंच गई है, जो मई में 3.93% थी। इस वृद्धि का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी है। यह पिछले छह महीनों में महंगाई का सबसे ऊंचा स्तर है और भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर है, जिससे भविष्य में लोन की ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
महंगाई में खाद्य वस्तुओं का योगदान
इक्रा ICRA की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के कारण जून में महंगाई दर 4.4% के करीब पहुंच गई, जो इक्रा के 4.3% के अनुमान से अधिक है।
भोजन की कीमतों में लगातार उछाल
खाद्य महंगाई दर मई में 4.78% थी, जो जून में बढ़कर 5.32% हो गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में खाद्य वस्तुओं का लगभग आधा हिस्सा होने के कारण, भोजन की कीमतों में वृद्धि का कुल महंगाई पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की लागत भी बढ़ी है, जहां इस श्रेणी की महंगाई दर 6.94% दर्ज की गई है।
ईंधन और परिवहन लागत में वृद्धि
ईंधन और ट्रांसपोर्ट के बढ़े दाम
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि ने माल ढुलाई और यात्रा को महंगा बना दिया है। निजी वाहनों के उपयोग का खर्च 7.35% बढ़ गया है, जबकि सामान ले जाने वाली परिवहन सेवाओं में 7.70% की वृद्धि हुई है। इस लॉजिस्टिक्स खर्च में वृद्धि से अन्य कई क्षेत्रों में भी महंगाई बढ़ी है।
गहनों की खरीदारी में कठिनाई
गहने खरीदना अभी भी मुश्किल
ज्वेलरी और अन्य व्यक्तिगत सामानों की श्रेणी में 50.17% की भारी महंगाई देखी गई है। हालांकि, यह मई के 56.35% की तुलना में थोड़ी कम है, फिर भी यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली श्रेणी बनी हुई है।
कुछ वस्तुओं में राहत
इन चीजों के दाम घटे, मिली थोड़ी राहत
हालांकि, सभी चीजों के दाम नहीं बढ़े हैं। कुछ टिकाऊ सामानों की कीमतें भी कम हुई हैं।
- गाड़ियों की कीमतें -4.59% के साथ निगेटिव जोन में रहीं।
- मनोरंजन के साधनों में 0.72% की गिरावट आई।
- घर-बगीचे के औजारों में 0.85% की कमी देखी गई, जिसकी मुख्य वजह पहले की गई जीएसटी (GST) कटौती मानी जा रही है।
ग्रामीण इलाकों पर महंगाई का प्रभाव
शहरों के मुकाबले गांवों पर ज्यादा मार
इस बार महंगाई का असर शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों पर अधिक पड़ा है। गांवों में महंगाई दर 4.74% हो गई, जबकि शहरों में यह 3.92% रही। इससे स्पष्ट है कि खाद्य वस्तुओं की महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण परिवारों पर पड़ा है।
RBI की संभावित नीतियां
ब्याज दरों पर क्या फैसला ले सकता है RBI?
अनुमान है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अगस्त 2026 की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगी। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि लोन की लागत बढ़ाने या न करने का अगला निर्णय कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, मध्य पूर्व की स्थिति और मानसून की प्रगति के आधार पर लिया जाएगा। यदि महंगाई इसी स्तर पर बनी रही, तो इस वित्त वर्ष के अंत में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं।
