भारत में छोटी कारों की मांग में तेजी, वाहन बाजार को मिलेगा लाभ
छोटी कारों की बढ़ती मांग का संकेत
भारत में छोटी कारों की मांग में फिर से वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं, जिससे वाहन उद्योग को लाभ मिलने की संभावना है। मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया कि अगले पांच वर्षों में देश में यात्री वाहनों की वार्षिक बिक्री 61 लाख से 63 लाख इकाइयों तक पहुंच सकती है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2025-26 में हुई लगभग 46.4 लाख वाहनों की बिक्री से एक तिहाई अधिक होगा।
बाजार में सकारात्मक बदलाव
हालिया जानकारी के अनुसार, छोटी कारों की मांग में आई तेजी और स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों की मजबूत बिक्री से बाजार में और वृद्धि की उम्मीद है। भार्गव ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2030-31 तक वाहन बाजार की स्थिति पहले के अनुमान से काफी बेहतर हो सकती है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों की मंदी के बाद, छोटी कारों की बिक्री में फिर से तेजी आई है।
बिक्री में वृद्धि के आंकड़े
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में मारुति सुजुकी की छोटी कारों की बिक्री में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इसके बाद, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में यह वृद्धि 35 प्रतिशत तक पहुंच गई। कंपनी ने बाजार की मांग को देखते हुए उन कारों का उत्पादन बढ़ाया है, जिनकी अधिक मांग है।
कंपनी की कुल बिक्री में उछाल
कंपनी की कुल बिक्री में पहली तिमाही के दौरान 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे वाहन उद्योग की बिक्री 28 प्रतिशत बढ़ी। सितंबर 2025 में माल एवं सेवा कर की दरों में बदलाव के बाद खुदरा मांग में तेजी आई। हालांकि, मांग में वृद्धि के साथ उत्पादन और ग्राहकों की पसंद के बीच अंतर की समस्या भी सामने आई। मार्च 2026 के अंत में कंपनी के पास लगभग 1.9 लाख वाहनों की लंबित बुकिंग थी।
उत्पादन में बदलाव की आवश्यकता
भार्गव के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में छोटी कारों की मांग में कमी और स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण उत्पादन व्यवस्था में बदलाव किया गया था। अब कंपनी ऐसी उत्पादन इकाइयां स्थापित कर रही है, जहां मांग के अनुसार विभिन्न मॉडलों का निर्माण किया जा सके।
नए कारखाने और उत्पादन क्षमता
गुजरात के सानंद में कंपनी 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश से नया कारखाना स्थापित कर रही है। हरियाणा और गुजरात की अन्य इकाइयों के विस्तार के साथ, वित्त वर्ष 2030-31 तक कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 36.5 लाख वाहनों प्रति वर्ष करने की योजना है।
भविष्य की योजनाएं
मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक हिसाशी ताकेउची ने बताया कि अगले पांच से छह वर्षों में पांच नए स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन पेश किए जाएंगे। कंपनी वैकल्पिक ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए चार जैव गैस संयंत्र लगाने के लिए 561 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश को मंजूरी दी गई है। कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 में 9 लाख सीएनजी वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखती है। इस प्रकार, छोटी कारों, स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों और स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों की बढ़ती मांग मारुति सुजुकी के अगले विकास चरण का मुख्य कारण बन सकती है।
