भारत में पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन सम्मेलन का आयोजन
दूसरे एसएएफ सम्मेलन का आयोजन
भारत में पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन (एसएएफ) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दूसरे एसएएफ सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में 25 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, उद्योग विशेषज्ञों और अन्य संबंधित लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह बैठक 28-29 सितंबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें 1,000 से अधिक प्रतिभागियों और 100 से अधिक वैश्विक वक्ताओं के भाग लेने की संभावना है। आयोजक एसएएफ एसोसिएशन ने बताया कि यह सम्मेलन भारत के उभरते एसएएफ क्षेत्र को वैश्विक और दक्षिण एशियाई बाजारों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
भारत का टिकाऊ विमान ईंधन में अवसर
एसएएफ एसोसिएशन के महासचिव रोहित कुमार ने कहा कि भारत के पास टिकाऊ विमान ईंधन के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने का अवसर है। हालांकि, इसके लिए केवल लक्ष्य निर्धारित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए सरकार, उद्योग, प्रौद्योगिकी, वित्त और वैश्विक भागीदारों को एक साथ लाकर एक समग्र वातावरण विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि एसएएफ एसोसिएशन का उद्देश्य इस क्षेत्र में महत्वाकांक्षाओं को परियोजनाओं, निवेश और उत्पादन में बदलना है।
सम्मेलन के विषय और समर्थन
इस सम्मेलन को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और प्रमुख संस्थानों का समर्थन प्राप्त है। इसमें पर्यावरण अनुकूल ईंधन के मानक, टिकाऊ कच्चा माल, प्रौद्योगिकी, परियोजना वित्तपोषण, और बड़े पैमाने पर उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ मंत्रिस्तरीय सत्र, प्रौद्योगिकी सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा।
टिकाऊ विमानन ईंधन का महत्व
टिकाऊ विमानन ईंधन का निर्माण नवीकरणीय स्रोतों जैसे कि इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल, पशु वसा, और कृषि अवशेषों से किया जाता है। विमानन क्षेत्र का वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 2.5 प्रतिशत योगदान है, और ऐसे ईंधन के उपयोग से इस उत्सर्जन में कमी आ सकती है। इसके अलावा, एसएएफ उत्पादन के विस्तार से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है।
