भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट जारी
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर कमी आई है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों के चलते वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, इस नरमी का प्रभाव भारतीय खुदरा ईंधन बाजार पर अभी तक नहीं पड़ा है, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले की तरह स्थिर बनी हुई हैं। भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों ने 6 अगस्त के लिए नए रेट जारी कर दिए हैं, जिसमें देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार, घरेलू बाजार में आखिरी बार 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन किया गया था। तब से अब तक खुदरा दरें यथावत बनी हुई हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता का प्रभाव
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता का प्रभाव देखने को मिला है। रिपोर्टों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि डब्ल्यूटीआई 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया है। बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि समझौता होता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और कमी आ सकती है।
घरेलू बाजार में कीमतों में स्थिरता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। देश की तेल विपणन कंपनियों ने 25 मई 2026 के बाद से कीमतों में संशोधन नहीं किया है। इस स्थिति में उपभोक्ताओं को अभी भी पुराने रेट पर ही ईंधन खरीदना पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जयपुर में पेट्रोल 112.69 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर है। भुवनेश्वर में पेट्रोल 108.97 रुपये और डीजल 100.68 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर है।
ट्रंप के बयान से बाजार में उम्मीदें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक रैली के दौरान कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत जारी है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उनके इस बयान के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में समझौते की संभावना को लेकर सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहता है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो भविष्य में घरेलू बाजार पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के लिए पुराने खुदरा दाम ही चुकाने होंगे।
